नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री गतिशक्ति के तहत नेटवर्क योजना समूह (एनपीजी) ने देश में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की। वाणिज्य मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि एनपीजी की 110वीं बैठक में इन परियोजनाओं का मूल्यांकन मुख्य रूप से विभिन्न परिवहन माध्यमों के बीच बेहतर तालमेल और माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित रहा और एनपीजी ने दो रेल, दो मेट्रो और दो सड़क परियोजनाओं का मूल्यांकन किया।
मंत्रालय के अनुसार, इन योजनाओं से माल ढुलाई व्यवस्था बेहतर होगी और यात्रा के समय में कमी आएगी।
रेल परियोजनाओं में तमिलनाडु के चेंगलपट्टू और अराकोणम के बीच मौजूदा एकल रेल लाइन के दोहरीकरण की योजना शामिल है।
इसके अलावा, कर्नाटक में व्हाइटफील्ड और बांगरपेट के बीच करीब 47 किलोमीटर लंबे खंड को चार लाइनों में विकसित किया जाएगा, ताकि मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के लिए अलग-अलग पटरी उपलब्ध हो सके।
समूह ने मुंबई मेट्रो लाइन-11 (अनिक डिपो से गेटवे ऑफ इंडिया) की भी समीक्षा की। 17.41 किलोमीटर लंबी यह पूरी तरह भूमिगत लाइन दक्षिण और मध्य मुंबई के महत्वपूर्ण व्यावसायिक व रिहायशी इलाकों को जोड़ेगी।
इसके अलावा, महाराष्ट्र में पुणे मेट्रो लाइन-4 के विस्तार और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में 2.65 किलोमीटर लंबी ‘फोटू ला सुरंग’ के निर्माण का भी आकलन किया गया। यह सुरंग श्रीनगर-लेह मार्ग पर हर मौसम में संपर्क सुनिश्चित करेगी और सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण होने वाले अवरोधों को समाप्त करेगी।
भाषा योगेश सुमित रमण
रमण