भारत ने चीन से आयातित तीन उत्पादों के खिलाफ शुरू की डंपिंग रोधी जांच

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भारत ने चीन से आयातित तीन उत्पादों के खिलाफ शुरू की डंपिंग रोधी जांच

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  • Publish Date - June 25, 2026 / 02:44 PM IST,
    Updated On - June 25, 2026 / 02:44 PM IST

नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) भारत ने घरेलू विनिर्माताओं की अलग-अलग शिकायतों के आधार पर चीन से आयातित तीन उत्पादों के खिलाफ डंपिंग रोधी जांच शुरू की है। वाणिज्य मंत्रालय की एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई।

इन उत्पादों में थर्मल पेपर, बाइएक्सियली ओरिएंटेड पॉलिएमाइड (बीओपीए) फिल्म और कुछ एंटीऑक्सीडेंट शामिल हैं।

इस जांच में चीन के अलावा दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, अमेरिका और थाइलैंड भी शामिल हैं।

अमेरिका-चीन व्यापार तनाव और चीन की अत्यधिक औद्योगिक उत्पादन क्षमता के कारण भारत में सस्ते चीनी उत्पादों की डंपिंग का खतरा बढ़ गया है।

जांच शुरू करने के लिए अलग-अलग घरेलू कंपनियों ने मंत्रालय के व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) के समक्ष चार आवेदन दायर किए हैं।

विनती ऑर्गेनिक्स लिमिटेड ने चीन, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर से पॉलिमर उद्योग में इस्तेमाल होने वाले कुछ एंटीऑक्सीडेंट के आयात की कथित डंपिंग की जांच की मांग की है।

जेपीएफएल फिल्म्स ने चीन और थाइलैंड से निर्यात की जाने वाली पैकेजिंग उद्योग में उपयोग होने वाली बायएक्सियली ओरिएंटेड पॉलिएमाइड (बीओपीए) फिल्म के आयात की जांच की मांग की है।

इसी तरह, इंडियन एसोसिएशन ऑफ थर्मल पेपर मैन्युफैक्चरर्स एंड अलाइड इंडस्ट्रीज ने अमेरिका, चीन और दक्षिण कोरिया से आयातित थर्मल पेपर या थर्मल सेंसिटिव पेपर पर डंपिंग रोधी शुल्क जांच शुरू करने के लिए डीजीटीआर के समक्ष आवेदन दायर किया है।

वहीं, आईटीसी लिमिटेड ने चीन से आयातित डेकोर पेपर पर लागू डंपिंग रोधी शुल्क के ‘सनसेट रिव्यू’ की मांग की है।

व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) की अधिसूचनाओं के अनुसार, सभी आवेदकों ने आरोप लगाया है कि इन देशों से डंप किए गए उत्पादों के आयात से घरेलू उद्योगों को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।

उन्होंने सस्ते आयात के प्रभाव से घरेलू कंपनियों की सुरक्षा के लिए इन उत्पादों पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाने की अपील की है।

अधिसूचना में कहा गया , ‘‘ आवेदक द्वारा दायर आवेदन और घरेलू उद्योग की ओर से प्रस्तुत प्रथम दृष्टया साक्ष्यों के आधार पर, जो उत्पाद की डंपिंग को प्रमाणित करते हैं, प्राधिकरण डंपिंग रोधी जांच शुरू करता है।’’

इन सभी मामलों में डीजीटीआर संबंधित देशों से निर्यात किए गए उत्पादों की कथित डंपिंग के अस्तित्व, स्तर और प्रभाव का आकलन करेगा।

यदि यह पाया जाता है कि डंपिंग से घरेलू उद्योग को वास्तविक नुकसान पहुंचा है, तो डीजीटीआर इन उत्पादों के आयात पर शुल्क लगाने की सिफारिश करेगा।

इन शुल्कों को लागू करने का अंतिम निर्णय वित्त मंत्रालय लेता है।

डंपिंग रोधी जांच यह पता लगाने के लिए की जाती है कि क्या सस्ते आयात में वृद्धि से घरेलू उद्योगों को नुकसान पहुंचा है।

इसके जवाब में देश विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के बहुपक्षीय ढांचे के तहत डंपिंग रोधी शुल्क लगाते हैं।

भारत पहले भी चीन सहित कई देशों से सस्ते आयात पर अंकुश लगाने के लिए अनेक उत्पादों पर डंपिंग रोधी शुल्क लगा चुका है।

भाषा निहारिका अजय

अजय