अल्पकालिक चुनौतियों के बावजूद वाणिज्यिक वाहन उद्योग में एकल अंक की वृद्धि संभव: टाटा मोटर्स

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अल्पकालिक चुनौतियों के बावजूद वाणिज्यिक वाहन उद्योग में एकल अंक की वृद्धि संभव: टाटा मोटर्स

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  • Publish Date - June 25, 2026 / 01:53 PM IST,
    Updated On - June 25, 2026 / 01:53 PM IST

नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा) टाटा मोटर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) गिरीश वाघ ने बृहस्पतिवार को कहा कि वाणिज्यिक वाहन (सीवी) क्षेत्र में मांग पर पश्चिम एशिया युद्ध के प्रभाव, विशेषकर डीजल कीमतों में वृद्धि, का अल्पकालिक असर पड़ेगा। हालांकि, चालू वित्त वर्ष में मांग के एकल अंक में बढ़ने की उम्मीद है और भारत की व्यापक आर्थिक वृद्धि दीर्घकाल में इस प्रभाव से उबरने में मदद करेगी।

ईंधन कीमतों में वृद्धि और जिंसों की लागत बढ़ने को ‘‘चक्रीय प्रतिकूल कारक’’ बताते हुए वाघ ने कहा कि इनसे तिमाही और वार्षिक मांग में कुछ बदलाव आएंगे, लेकिन दीर्घकाल में ‘‘भारत की विकास गाथा सड़क के जरिये माल ढुलाई और वाणिज्यिक वाहनों की मांग को बढ़ाएगी।’’

वाघ ने पत्रकारों के साथ बातचीत कहा, ‘‘ हमारे सामने कुछ अल्पकालिक चुनौतियां हैं। पश्चिम एशिया संकट, इसके परिणामस्वरूप तेल कीमतों में वृद्धि और फिर अपेक्षाकृत कम तीव्रता के साथ डीजल कीमतों में बढ़ोतरी। ये सभी प्रतिकूल कारक हैं।’’

उन्होंने कहा कि जिंसों की लागत में वृद्धि भी एक चुनौती है, लेकिन ‘‘हमारा मानना है कि ये अधिकतर चक्रीय प्रतिकूल कारक हैं।’’

दीर्घकालिक दृष्टिकोण पर भरोसा जताते हुए वाघ ने कहा, ‘ ‘जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक की प्रगति, विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार, खपत में वृद्धि और बुनियादी ढांचा निवेश आदि सभी संरचनात्मक अनुकूल कारक हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ इससे दीर्घकाल में अनुकूल कारकों का प्रभाव प्रतिकूल कारकों से अधिक रहेगा और उद्योग वृद्धि करेगा।’’

चालू वित्त वर्ष में उद्योग की मांग के परिदृश्य पर वाघ ने कहा, ‘‘ पहली तिमाही में अब तक सालाना आधार पर दोहरे अंक की वृद्धि दिख रही है। पिछले वर्ष दूसरी तिमाही बहुत मजबूत नहीं थी, इसलिए मुझे लगता है कि यह गति जारी रहनी चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ वित्त वर्ष की दूसरी छमाही पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि पिछले वर्ष की दूसरी छमाही काफी मजबूत थी। हालांकि वर्तमान गति को देखते हुए इस वर्ष भी एकल अंक की वृद्धि देखने को मिल सकती है।’’

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा