भारत अब खाद्य अधिशेष वाला देश, दूसरों की भी कर सकता है मददः चिराग पासवान

भारत अब खाद्य अधिशेष वाला देश, दूसरों की भी कर सकता है मददः चिराग पासवान

भारत अब खाद्य अधिशेष वाला देश, दूसरों की भी कर सकता है मददः चिराग पासवान
Modified Date: February 18, 2026 / 10:23 pm IST
Published Date: February 18, 2026 10:23 pm IST

(तस्वीर के साथ)

नोएडा, 18 फरवरी (भाषा) केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान ने बुधवार को कहा कि भारत खाद्यान्न के मामले में कमी वाले देश से अब अधिशेष उत्पादन वाले राष्ट्र में बदल चुका है और खाद्य सुरक्षा की चुनौती झेल रहे देशों की मदद करने की स्थिति में भी है।

पासवान ने यहां एमिटी यूनिवर्सिटी में आयोजित 26वें अंतरराष्ट्रीय बिजनेस समिट एवं रिसर्च कॉन्फ्रेंस ‘इनबश एरा 2026’ को संबोधित करते हुए यह बात कही।

पासवान ने कहा, “एक समय भारत खाद्यान्न के लिए दूसरे देशों पर निर्भर था, लेकिन आज हम जरूरत से अधिक उत्पादन कर रहे हैं और अन्य देशों को भी सहयोग दे सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है।

उन्होंने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि 21वीं सदी का अगला चरण, 2025 से 2050 तक का कालखंड, देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।

उन्होंने कहा, “युवाओं के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी है। वे आने वाले समय में नेतृत्व की भूमिका निभाएंगे और कई चुनौतियों का सामना करेंगे।”

पासवान ने भरोसा जताया कि भारत वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है और नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने के साथ प्रौद्योगिकी क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व का लक्ष्य भी रखता है।

इस अवसर पर एमिटी एजुकेशन ग्रुप के संस्थापक अध्यक्ष अशोक के चौहान ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय


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