भारत कृत्रिम मेधा नवाचार के प्रमुख केंद्रों में से एक : एनविडिया

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भारत कृत्रिम मेधा नवाचार के प्रमुख केंद्रों में से एक : एनविडिया

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  • Publish Date - February 18, 2026 / 11:08 AM IST,
    Updated On - February 18, 2026 / 11:08 AM IST

नयी दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा) भारत अपने मजबूत विकासकर्ता आधार, स्टार्टअप और साझेदार नेटवर्क के दम पर कृत्रिम मेधा (एआई) नवाचार के प्रमुख केंद्रों में शामिल हो गया है।

एनविडिया के प्रबंध निदेशक (दक्षिण एशिया) विशाल धूपर ने कहा कि कंपनी देशभर के प्रौद्योगिकी दिग्गजों के साथ मिलकर बदलाव को तेज करने और विकास को नई गति देने पर काम कर रही है।

धूपर ने कहा कि एनविडिया की विविध साझेदारियां बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि कृत्रिम मेधा कोई एकल उत्पाद या एक बार की खोज नहीं है।

उन्होंने इसकी पांच परत (लेयर) वाले केक से तुलना करते हुए कहा कि इसके सबसे निचले स्तर पर ऊर्जा, उसके ऊपर चिप, आधारभूत ढांचा, मॉडल और फिर अनुप्रयोग हैं।

धूपर ने कहा कि इन सभी परतों का अपना अलग परिवेश है और एनविडिया, भारत के प्रौद्योगिकी दिग्गजों के साथ इस पूरी श्रृंखला के हर स्तर पर काम कर रही है।

उन्होंने साथ ही कहा कि भारत में एनविडिया का परिवेश निरंतर बढ़ रहा है।

धूपर ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ हमें गर्व है कि हम इस पूरी श्रृंखला की हर परत पर भारत के दूरदर्शी नेतृत्व के साथ काम कर रहे हैं।’’

उन्होंने बताया कि आज भारत में करीब आठ लाख डेवलपर एनविडिया के मंचों पर कृत्रिम मेधा समाधान बना रहे हैं, उन्हें प्रशिक्षित एवं क्रियान्वित लागू कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ का यह ‘‘रोमांचक’’ सप्ताह नवाचार एवं अवसर लेकर आया है।

एआई शिखर सम्मेलन में मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जेन्सेन हुआंग की अनुपस्थिति के सवाल पर विशाल धूपर ने कहा कि कई हफ्तों तक लगातार यात्रा के बाद शीर्ष अधिकारी अस्वस्थ हैं और उन्होंने जय पुरी को इस कार्यक्रम में कंपनी के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए भेजा है।

उन्होंने बताया कि कंपनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष जय पुरी के नेतृत्व में वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल भारत आया है, ताकि देश के शोधकर्ताओं, स्टार्टअप एवं डेवलपर के योगदान का सम्मान किया जा सके।

धूपर ने कहा कि पूरे सम्मेलन के दौरान एनविडिया की मेजबानी में 15 सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। 100 से अधिक एनविडिया साझेदार यहां अपने नवीनतम कार्यों का प्रदर्शन कर रहे हैं।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा