(तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि दुनिया में अनिश्चितताओं के बावजूद भारत, विश्व में तेज वृद्धि हासिल करने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
राष्ट्रपति ने संसद के बजट सत्र के पहले दिन, दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘देश की आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है। दुनिया में अनेक प्रकार के संकटों के बावजूद भारत दुनिया की तेज वृद्धि वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।’’
उल्लेखनीय है कि देश की अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष 2025-26 की जुलाई-सितंबर तिमाही में अनुमान से अधिक 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी जो पिछले डेढ़ साल में सबसे अधिक है।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने महंगाई दर को कम रखने के अपने रिकॉर्ड को और बेहतर किया है। इसका सीधा फायदा देश के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को हो रहा है।’’
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘सरकार की नीतियों के कारण देशवासियों की आय बढ़ी है, बचत बढ़ी है और खरीद शक्ति में भी वृद्धि हुई है।’’
उन्होंने यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक कदम, भारत में विनिर्माण क्षेत्र और सेवा क्षेत्र को गति देगा। भारत के युवाओं के लिए रोजगार के अनेक नए अवसर खोलेगा।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘आज देश के युवा, किसान, श्रमिक और उद्यमी विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका का लगातार विस्तार कर रहे हैं। बीते वर्ष के आंकड़े इसका प्रमाण हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले वर्ष में भारत ने रिकॉर्ड 35 करोड़ टन से ज्यादा खाद्यान्न का उत्पादन किया है। इतना ही नहीं 15 करोड़ टन उत्पादन के साथ भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक बन गया है।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ हमारा देश विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश भी बना। ये समुद्री अर्थव्यव्स्था में देश की सफलता को दिखाता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ इतना ही नहीं दूध उत्पादन के क्षेत्र में भी, भारत दुनिया के सबसे सफल देश के रूप में पहचाना जाता है। यह सहकारिता आंदोलन की मजबूती का परिणाम है।’’
सुधारों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ सरकार ‘रिफॉर्म्स एक्सप्रेस’ के रास्ते पर चल रही है। पुराने नियमों और प्रावधानों को, भविष्य की जरूरतों के हिसाब से निरंतर बदला जा रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ जीएसटी में ऐतिहासिक अगली पीढ़ी के सुधारों से लोगों को एक लाख करोड़ रुपये की बचत सुनिश्चित हुई। जीएसटी में कटौती के बाद बीते वर्ष दो पहिया वाहनों का पंजीकरण, दो करोड़ पार कर गया है। ये अपने आप में नया रिकॉर्ड है।’’
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘आयकर कानून भी अब नए स्वरूप में सामने आया है। 12 लाख रुपये तक की आय पर अब कोई कर नहीं देना होता है। ऐसे सुधारों से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को अभूतपूर्व फायदा हो रहा है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है।’’
भाषा रमण निहारिका
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