President Droupadi Murmu Parliament Speech/Image Source: ANI
नई दिल्ली: President Draupadi Murmu Speech: संसद में अपने अभिभाषण के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश में माओवादी आतंकवाद पर बड़ा और आशावादी बयान दिया। राष्ट्रपति ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और सुरक्षा बलों की निर्णायक कार्रवाई के चलते देश से आतंकवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि वो दिन दूर नहीं जब हमारे देश से आतंकवाद पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
President Draupadi Murmu Speech: राष्ट्रपति ने बताया कि सरकार की रणनीति और सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप, पिछले एक वर्ष में माओवाद से जुड़े करीब 2 हजार लोगों ने आत्मसमर्पण किया है, जिससे लाखों नागरिकों के जीवन में शांति लौटी है। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि एक समय देश के 126 जिले माओवादी हिंसा से प्रभावित थे, जहां डर और अविश्वास का माहौल बना रहता था। माओवादी विचारधारा ने कई पीढ़ियों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया, जिसका सबसे अधिक असर युवाओं, आदिवासियों और दलितों पर पड़ा। लेकिन आज स्थिति में बड़ा बदलाव आया है और माओवादी चुनौती अब केवल 8 जिलों तक सीमित रह गई है, जिनमें से केवल 3 जिले गंभीर रूप से प्रभावित हैं।
Parliament Budget Session 2026: राष्ट्रपति ने माओवादी प्रभावित इलाकों में आए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि बीजापुर के एक गांव में 26 वर्षों बाद बस सेवा शुरू हुई, जिसे ग्रामीणों ने उत्सव की तरह मनाया। यह बदलाव शांति और विकास की ओर बढ़ते कदम का प्रतीक है। राष्ट्रपति ने कहा कि आज बस्तर ओलंपिक में युवा बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, जो इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में विश्वास और अवसर लौट रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हथियार छोड़ चुके पूर्व माओवादी आज जगदलपुर के पंडुम कैफे में लोगों की सेवा कर रहे हैं, जो समाज की मुख्यधारा में लौटने की सकारात्मक मिसाल है।
President Draupadi Murmu Speech: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि जो लोग हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं, उनके जीवन को दोबारा पटरी पर लाया जाए। पुनर्वास, रोजगार और सामाजिक सम्मान के माध्यम से उन्हें नई शुरुआत दी जा रही है। अंत में राष्ट्रपति ने दोहराया कि देश माओवादी आतंकवाद के खात्मे की निर्णायक अवस्था में पहुंच चुका है और आने वाले समय में भारत पूरी तरह आतंकवाद-मुक्त होगा।