भारत को वीजा सुधार, पर्यटन क्षेत्र में अधिक निवेश की जरूरत: डब्ल्यूटीटीसी अध्यक्ष

भारत को वीजा सुधार, पर्यटन क्षेत्र में अधिक निवेश की जरूरत: डब्ल्यूटीटीसी अध्यक्ष

भारत को वीजा सुधार, पर्यटन क्षेत्र में अधिक निवेश की जरूरत: डब्ल्यूटीटीसी अध्यक्ष
Modified Date: July 16, 2026 / 05:38 pm IST
Published Date: July 16, 2026 5:38 pm IST

नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) विश्व यात्रा एवं पर्यटन परिषद (डब्ल्यूटीटीसी) की अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ग्लोरिया ग्वेरा ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत को अपनी विशाल पर्यटन क्षमता का लाभ उठाने और अधिक विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वीजा व्यवस्था में सुधार, हवाई एवं सड़क संपर्क बेहतर करने और पर्यटन के प्रचार पर अधिक निवेश करने की जरूरत है।

ग्वेरा ने यहां संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा कि भारत की वीजा-मुक्त प्रवेश सुविधा फिलहाल केवल तीन देशों तक सीमित है, जबकि चीन 70 देशों और थाईलैंड 90 देशों के नागरिकों को वीजा-मुक्त प्रवेश की सुविधा देता है।

उन्होंने भारत में यात्रा एवं पर्यटन क्षेत्र की रोजगार सृजन क्षमता पर जोर देते हुए कहा कि यह क्षेत्र 2036 तक देश में पांच करोड़ रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है।

उन्होंने कहा, ‘दुनियाभर में 2036 तक यात्रा और पर्यटन क्षेत्र से 46.5 करोड़ रोजगार सृजित होने की उम्मीद है और इनमें से बड़ी संख्या में रोजगार भारत में पैदा होंगे। यह हर छह में से एक रोजगार के बराबर होगा। भारत में इस क्षेत्र में पांच करोड़ रोजगार पैदा करने की क्षमता है।’

ग्वेरा ने डब्ल्यूटीटीसी की यात्रा एवं पर्यटन आर्थिक प्रभाव रिपोर्ट 2026 का उल्लेख करते हुए कहा कि कहा कि भारत में यात्रा एवं पर्यटन क्षेत्र की वृद्धि मुख्य रूप से घरेलू मांग से संचालित हो रही है। वर्ष 2025 में इस क्षेत्र ने देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 263.6 अरब डॉलर का योगदान दिया, जो सालाना आधार पर 7.3 प्रतिशत की वृद्धि है।

भाषा

योगेश प्रेम

प्रेम


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