नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) भारत वैश्विक समुद्री क्षेत्र में 12.16 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा नाविक आपूर्तिकर्ता बन गया है। मंगलवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
नवीनतम बिमको-आईसीएस नाविक कार्यबल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि भारत ने वैश्विक पोत परिवहन उद्योग को कुल 3,11,936 समुद्री पेशेवर उपलब्ध कराए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की वैश्विक नाविक कार्यबल में अब 12.16 प्रतिशत हिस्सेदारी है और इस मामले में वह सिर्फ फिलिपीन से पीछे है। भारत ने चीन, रूस और इंडोनेशिया जैसे देशों को पीछे छोड़ते हुए यह स्थान हासिल किया है।
इस क्षेत्र में भारत पिछले एक दशक में बहुत तेजी से आगे बढ़ा है। वर्ष 2015 में भारत की हिस्सेदारी केवल 5.2 प्रतिशत थी और वह पांचवें स्थान पर था।
हालांकि, 2026 की रिपोर्ट में भारत ने बड़ी छलांग लगाई है। सरकारी बयान के अनुसार, “पिछले 10 वर्षों में भारत की वैश्विक हिस्सेदारी दोगुनी से अधिक होकर 12.16 प्रतिशत हो गई है, जिससे देश दूसरे स्थान पर पहुंच गया है और वह कुशल समुद्री पेशेवरों का प्रमुख आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है।”
बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि सरकार अब ‘मिशन 20 प्रतिशत’ पर काम कर रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य भारत की वैश्विक हिस्सेदारी को 12.16 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाना है।
अधिकारी वर्ग में भारत की स्थिति खास तौर पर मजबूत है। भारत वर्तमान में 1,40,718 अधिकारियों की आपूर्ति करता है, जो वैश्विक अधिकारी कार्यबल का 13.41 प्रतिशत है। दूसरी तरफ 1,71,218 नाविक वैश्विक स्तर पर 11.29 प्रतिशत का योगदान देते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर कुल नाविकों की आपूर्ति लगभग 25.7 लाख है, जबकि मांग 25.5 लाख तक पहुंच चुकी है। इससे स्पष्ट होता है कि वैश्विक समुद्री श्रम बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और कुशल कर्मियों की कमी बनी हुई है।
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