जम्मू, 16 जनवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत में उद्यमिता में अभूतपूर्व वृद्धि देखी हुई और स्टार्टअप की संख्या बढ़कर दो लाख से अधिक हो गई है। इससे देश स्टार्टअप परिवेश में तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है।
सिंह ने जम्मू में ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटिव मेडिसिन’ द्वारा आयोजित एक स्टार्टअप शिविर को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ परिणाम स्वयं ही सब कुछ बयां करते हैं। महज कुछ वर्षों में, हम 350-400 स्टार्टअप से बढ़कर दो लाख से अधिक हो गए हैं। भारत अब विश्व में तीसरे स्थान पर है। यह दर्शाता है कि हमने कितनी प्रगति की है और कितनी उपलब्धियां हासिल की हैं।’’
सिंह ने कहा कि इससे यह भी पता चलता है कि बच्चों में प्रतिभा और काम करने की क्षमता थी लेकिन उन्हें किसी विशेष दिशा में सही ढंग से मार्गदर्शित नहीं किया गया।
मंत्री ने ‘स्टार्टअप इंडिया’ आंदोलन के तहत बैंगनी क्रांति के जन्मस्थल के रूप में डोडा को उल्लेख करते हुए कहा कि इस पहल को राष्ट्रव्यापी मान्यता मिली है और अब इसे पूरे देश में मनाया जा रहा है।
‘बैंगनी क्रांति’ जम्मू-कश्मीर में ‘लैवेंडर’ की खेती को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की एक पहल है।
उन्होंने कहा, ‘‘ उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से लेकर अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड तक, लगभग सभी हिमालयी राज्य इस उत्सव का हिस्सा हैं।’’
सिंह ने कहा कि कृषि को आधार बनाकर यह क्षेत्र युवाओं के लिए उद्यमिता के एक नए केंद्र के रूप में उभरा है।
सिंह ने समावेशी विकास पर जोर देते हुए कहा कि अब 45-50 प्रतिशत स्टार्टअप छोटे व मझोले शहरों से आ रहे हैं, जिससे यह मिथक टूट रहा है कि नवाचार बेंगलुरु, मुंबई या हैदराबाद जैसे महानगरों तक ही सीमित है।
अधिक उत्साह और मार्गदर्शन की अपील करते हुए मंत्री ने कहा कि छोटे शहरों में काफी प्रतिभाएं हैं।
भाषा निहारिका रमण
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