भारत ने उप्र से दुबई के लिए समुद्री रास्ते से 12.5 टन दशहरी, लंगड़ा आम भेजा

भारत ने उप्र से दुबई के लिए समुद्री रास्ते से 12.5 टन दशहरी, लंगड़ा आम भेजा

भारत ने उप्र से दुबई के लिए समुद्री रास्ते से 12.5 टन दशहरी, लंगड़ा आम भेजा
Modified Date: July 22, 2026 / 09:43 pm IST
Published Date: July 22, 2026 9:43 pm IST

नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) कृषि मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि भारत ने उत्तर प्रदेश के अमरोहा से दुबई के लिए समुद्री रास्ते से प्रीमियम दशहरी और लंगड़ा किस्म के 12.5 टन आम का निर्यात किया है। यह उत्तरी राज्य से समुद्री रास्ते के जरिये पहली सफल वाणिज्यिक खेप है, जिसमें फसल कटाई से लेकर बाजार तक पहुंचने का समय (ट्रांजिट पीरियड) बढ़ाकर 25 दिन किया गया था।

समुद्री रास्ते से निर्यात का प्रोटोकॉल आईसीएआर–सेंट्रल इंस्टिट्यूट फॉर सबट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर (आईसीएआर-सीआईएसएच), लखनऊ और कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात संवर्धन प्राधिकरण (एपिडा) ने मिलकर तैयार किया था।

मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘यह उत्तर प्रदेश से दुबई के लिए दशहरी और लंगड़ा आमों की समुद्री रास्ते से पहली सफल वाणिज्यिक खेप है। इससे पता चलता है कि प्रीमियम भारतीय आम को अब गुणवत्ता से समझौता किए बिना समुद्री रास्ते से किफायती तरीके से निर्यात किया जा सकता है।’’

इस कामयाबी से निर्यातकों को समुद्री रास्ते से माल भेजने (सी फ्रेट) को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे खाड़ी देशों और दूसरे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत के ताजे आमों का निर्यात बढ़ेगा।

समुद्री रास्ते वाले प्रोटोकॉल के सफल होने से कम लागत वाले निर्यात के जरिये किसानों की आय बढ़ाने का एक टिकाऊ रास्ता मिलता है।

इस तरीके से उत्तर प्रदेश और आम पैदा करने वाले दूसरे राज्यों से समुद्री रास्ते के जरिये आमों के निर्यात के वाणिज्यिकरण में तेजी आने की उम्मीद है। इससे खाड़ी देशों और दूसरे अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए मौके खुलेंगे, साथ ही निर्यात से कमाई बढ़ेगी, लॉजिस्टिक की लागत कम होगी और उत्तर प्रदेश के उत्पादकों की आजीविका बेहतर होगी।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


लेखक के बारे में