भारत, अमेरिका के अधिकारियों को व्यापार समझौते पर बातचीत जारी रखनी चाहिए: निर्यातक

भारत, अमेरिका के अधिकारियों को व्यापार समझौते पर बातचीत जारी रखनी चाहिए: निर्यातक

भारत, अमेरिका के अधिकारियों को व्यापार समझौते पर बातचीत जारी रखनी चाहिए: निर्यातक
Modified Date: January 9, 2026 / 10:13 pm IST
Published Date: January 9, 2026 10:13 pm IST

नयी दिल्ली, नौ जनवरी (भाषा) निर्यातकों ने कहा है कि भारत और अमेरिका के अधिकारियों को आमने-सामने बैठकर मुद्दों का समाधान करना चाहिए ताकि दोनों पक्षों के लिए लाभकारी व्यापार समझौता किया जा सके।

निर्यातकों का कहना है कि अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क पहले ही द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित कर रहे हैं और अगर इन शुल्कों को और बढ़ाया गया तो यह दिल्ली से वाशिंगटन को होने वाले निर्यात पर गंभीर असर डालेगा।

निर्यातकों के शीर्ष निकाय फियो के अध्यक्ष एस सी रल्हन ने कहा, ‘दोनों पक्षों को समझौते के लिए अपनी वार्ता जारी रखनी चाहिए।’

 ⁠

चमड़ा क्षेत्र के एक निर्यातक ने कहा कि अमेरिका भारत के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और व्यापार समझौते का जल्दी निष्कर्ष देश के निर्यात को बढ़ावा देगा।

उन्होंने कहा, ‘हालांकि हम नए बाजारों की तलाश कर रहे हैं, अमेरिका हमारे लिए एक प्रमुख बाजार बना हुआ है।’

इंजीनियरिंग क्षेत्र के एक अन्य निर्यातक ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौता व्यापार में अनिश्चितताओं को कम करने में मदद करेगा।

आर्थिक शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार गतिरोध केवल व्यक्तिगत कूटनीति की वजह से नहीं, बल्कि कठिन नीतिगत विकल्पों के कारण है।

जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, ‘अगर देरी को केवल व्यक्तिगत कूटनीति का मुद्दा बताया जाए तो यह समझना आसान लगता है, लेकिन इससे उन असहमतियों को छिपाया जाता है जिन्हें दोनों देशों ने अभी तक हल नहीं किया है। इससे दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदारी को कम महत्व देने का जोखिम भी पैदा होता है।’

भाषा योगेश रमण

रमण


लेखक के बारे में