नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) देश के उद्योग निकायों ने मंगलवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत करने से भारतीय निर्यात की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और उनकी बाजार तक पहुंच का विस्तार होगा।
सीआईआई (सीआईआई) के अध्यक्ष राजीव मेमानी ने कहा, ”अमेरिका द्वारा भारत पर शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत करना दोनों देशों के बीच रणनीतिक आर्थिक साझेदारी में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता तेजी से प्रतिस्पर्धी होते वैश्विक परिदृश्य में व्यापार, प्रौद्योगिकी और निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
फिक्की के अध्यक्ष अनंत गोयनका ने कहा कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री और उनकी टीम द्वारा महीनों की बातचीत के बाद भारतीय सामानों पर जवाबी शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत करने से दुनिया के सबसे बड़े आयात बाजार में भारतीय निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होगा।
गोयनका ने कहा, ”परिधान, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण और समुद्री उत्पाद जैसे क्षेत्रों को लाभ होने की उम्मीद के साथ, इस समझौते में व्यापारिक विश्वास को मजबूत करने और द्विपक्षीय आर्थिक जुड़ाव को गहरा करने की क्षमता है।”
पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष राजीव जुनेजा ने कहा कि कम शुल्क से घरेलू उद्योगों के लिए लागत कम होती है, आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होती है और व्यवसायों तथा उपभोक्ताओं के लिए कीमतें कम करके मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
भाषा पाण्डेय
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