India America Trade Deal News in Hindi: अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा भारत? इंडिया-अमेरिका ट्रेड डील के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार को लिया आड़े हाथों

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India America Trade Deal News in Hindi: अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा भारत? इंडिया-अमेरिका ट्रेड डील के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार को लिया आड़े हाथों

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  • Publish Date - February 3, 2026 / 10:01 AM IST,
    Updated On - February 3, 2026 / 10:01 AM IST

India America Trade Deal News in Hindi: अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा भारत? इंडिया-अमेरिका ट्रेड डील के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार को लिया आड़े हाथों / Image: IBC24 Customized

HIGHLIGHTS
  • भारतीय उत्पादों पर लगने वाले शुल्क 25% से घटाकर 18% करने पर सहमत
  • प्रधानमंत्री ने इसे 'मेड इन इंडिया' उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार में बड़ी जीत बताया
  • कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि घरेलू व्यापारियों को नुकसान होगा

नई दिल्ली: India America Trade Deal News in Hindi भारत और अमेरिका के बीच हुए इस व्यापार समझौते के तहत वाशिंगटन भारतीय वस्तुओं पर लगाए जाने वाले पारस्परिक शुल्क को मौजूदा 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बातचीत के बाद इसकी जानकारी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि अब ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर कम शुल्क लगेगा। इस संबंध में पीएम मोदी ने अपने अधिकारिक एक्स पोस्ट पर जानकारी दी है।

India America Trade Deal News in Hindi वहीं, इंडिया-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नयी ऊंचाइयों पर ले जाएगा और इससे व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे तथा परस्पर विकास को बढ़ावा मिलेगा। शाह ने सोमवार देर रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह समझौता दोनों देशों और उनके नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगा तथा इससे भारत एवं अमेरिका के बीच व्यापार के और फलने-फूलने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत-अमेरिका संबंधों के लिए यह एक बड़ा दिन है, क्योंकि 18 प्रतिशत की काफी कम की गई शुल्क (टैरिफ) दर के साथ व्यापार समझौता तय हुआ है, जो मजबूत व्यापारिक रिश्तों और आपसी विकास का रास्ता खोलेगा।’’ इस ‘‘ऐतिहासिक समझौते’’ के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बधाई देते हुए शाह ने कहा कि यह सौदा ‘‘हमारी रणनीतिक साझेदारी को और ऊंचाइयों पर ले जाएगा तथा दोनों देशों एवं उनके लोगों को भारी लाभ पहुंचाएगा। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और अधिक फलेगा-फूलेगा।’’

 

दूसरी ओर इस व्यापारिक समझौते को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने अपने अधिकारिक एक्स पोस्ट पर मोदी सरकार से सवाल पूछते हुए कहा है कि

  • • सीजफायर की तरह ट्रेड डील की घोषणा भी ट्रंप की ओर से की गई। ये बताया गया कि ‘मोदी की रिक्वेस्ट’ पर ट्रेड डील की जा रही है।
  • • ट्रंप का कहना है कि भारत अमेरिका के ऊपर टैरिफ और नॉन टैरिफ बैरियर 0% तक घटाएगा। मतलब आपने अमेरिका के लिए पूरा बाजार खोल दिया। इससे भारतीय इंडस्ट्री का जबरदस्त नुकसान होगा। यहां के व्यापारी, यहां के किसान, सबका साथ छोड़ दिया आपने।
  • • कृषि क्षेत्र को अमेरिका के लिए खोलने की बात है, आखिर क्या सौदा हुआ है? हमारे किसानों के हितों का ध्यान रखा गया है या उनका साथ भी छोड़ दिया गया है? हमारे किसानों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
  • • ये भी कहा गया कि मोदी रूस से तेल नहीं खरीदेंगे, अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदेंगे। क्या ट्रेड डील में मोदी सरकार रूस का साथ छोड़ने पर राजी हुई है?
  • • इसके अलावा अमेरिका से ज्यादा सामान खरीदने की बात भी कही है, अगर ऐसा है तो ‘मेक इन इंडिया’ का क्या हुआ?
  • ट्रेड डील में किन बिंदुओं पर बात हुई, क्या तय हुआ? – ये बात देश को जानने का हक है
  • मोदी सरकार को इस बारे में सारी जानकारी देश और संसद से साझा करनी चाहिए

ट्रेड डील का गणित: क्या मिला और क्या दिया?

पक्ष भारत को क्या मिला? अमेरिका को क्या मिला? (विपक्ष के अनुसार)
शुल्क (Tariff) अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान 7% सस्ता होगा। अमेरिकी सामान के लिए भारतीय बाजार 0% शुल्क पर खुल सकता है।
ऊर्जा (Energy) वेनेजुएला और अमेरिका से तेल के नए स्रोत। रूस के साथ भारत के तेल व्यापार में कटौती।
बाजार पहुंच टेक्सटाइल, आईटी और ज्वेलरी सेक्टर को लाभ। अमेरिकी कृषि उत्पादों (डेयरी, अनाज) के लिए भारतीय बाजार में एंट्री।

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'18 प्रतिशत शुल्क' का भारतीय निर्यातकों पर क्या असर होगा?

इससे अमेरिका भेजे जाने वाले भारतीय उत्पाद (जैसे कपड़े, जूते, स्टील) वहां के बाजार में सस्ते हो जाएंगे, जिससे उनकी मांग बढ़ेगी और भारतीय निर्यातकों का मुनाफा बढ़ेगा।

कांग्रेस का "0% टैरिफ बैरियर" वाला आरोप क्या है?

कांग्रेस का दावा है कि ट्रंप ने भारत को मजबूर किया है कि वह अमेरिकी सामान पर अपना टैक्स शून्य कर दे। अगर ऐसा होता है, तो सस्ता अमेरिकी सामान भारतीय बाजारों में भर जाएगा और स्थानीय उद्योगों को नुकसान होगा।

क्या भारत अब रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदेगा?

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस डील की एक शर्त यह भी है कि भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए रूस पर निर्भरता कम करेगा और अमेरिका व वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदेगा।

'मेक इन इंडिया' पर इस डील का क्या प्रभाव पड़ेगा?

विपक्ष का तर्क है कि अगर हम अमेरिका से ज्यादा सामान आयात करेंगे, तो घरेलू मैन्युफैक्चरिंग यानी 'मेक इन इंडिया' कमजोर होगा। वहीं सरकार का कहना है कि निर्यात बढ़ने से 'मेक इन इंडिया' को मजबूती मिलेगी।

किसानों के हितों पर क्या खतरा बताया जा रहा है?

आरोप है कि अमेरिकी कृषि उत्पादों (जैसे बादाम, सेब, डेयरी उत्पाद) के लिए बाजार खोलने से भारतीय किसानों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा और उनकी आय प्रभावित हो सकती है।