भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से एफडीआई प्रवाह बढ़ेगा, रुपया होगा मजबूत: ईएसी-पीएम चेयरमैन

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से एफडीआई प्रवाह बढ़ेगा, रुपया होगा मजबूत: ईएसी-पीएम चेयरमैन

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से एफडीआई प्रवाह बढ़ेगा, रुपया होगा मजबूत: ईएसी-पीएम चेयरमैन
Modified Date: February 3, 2026 / 02:52 pm IST
Published Date: February 3, 2026 2:52 pm IST

नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के चेयरमैन एस महेंद्र देव ने मंगलवार को कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के साथ-साथ पोर्टफोलियो निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा, जिसका रुपये के मूल्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए जिसके तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर जवाबी शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा, जो चीन, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों की तुलना में कम है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर बातचीत के बाद व्यापार समझौते को लेकर घोषणा की।

देव ने पीटीआई-भाषा की वीडियो सेवा को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि व्यापार समझौते की घोषणा कई मायनों में भारत के लिए बहुत बड़ी है क्योंकि इससे कपड़ा और रत्न तथा आभूषण जैसे कुछ श्रम-केंद्रित विनिर्माण क्षेत्रों को लाभ होगा।

ट्रंप प्रशासन ने रूसी तेल खरीदने पर 25 प्रतिशत जुर्माने सहित 50 प्रतिशत शुल्क लगाया था, जिससे अमेरिका में भारत के निर्यात पर असर पड़ा।

देव ने कहा कि 18 प्रतिशत शुल्क बांग्लादेश, वियतनाम, चीन और ब्राजील समेत कई देशों की तुलना में कम है।

उन्होंने कहा, ‘‘अब 18 प्रतिशत शुल्क होने से हमें लाभ मिलेगा। और मुझे उम्मीद है कि भारत का अमेरिका में निर्यात बढ़ेगा। हमारे पास यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के साथ तथा कई अन्य देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) हैं। इसलिए हमारा निर्यात और अधिक बढ़ेगा। इसका विकास पर भी प्रभाव पड़ेगा। हमारी आर्थिक वृद्धि पहले की तुलना में कहीं अधिक होगी।’’

अनिश्चितताओं और धन की वापसी के कारण शुद्ध एफडीआई और एफआईआई प्रवाह प्रभावित होने की बात कहते हुए देव ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के साथ यह उम्मीद है कि यह स्थिति पलटेगी, जिससे घरेलू मुद्रा को समर्थन मिलेगा।

देव ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस घोषणा के बाद, समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता कम होगी और इससे शेयर बाजार में एफडीआई और एफआईआई का प्रवाह बढ़ने की उम्मीद है।’

उन्होंने कहा कि इसका असर रुपये पर भी सकारात्मक पड़ेगा।

भाषा योगेश अजय

अजय


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