भारत महत्वपूर्ण बाजार, निवेश के अवसर तलाशती रहेंगे : टेमासेक

भारत महत्वपूर्ण बाजार, निवेश के अवसर तलाशती रहेंगे : टेमासेक

भारत महत्वपूर्ण बाजार, निवेश के अवसर तलाशती रहेंगे : टेमासेक
Modified Date: July 22, 2026 / 10:33 pm IST
Published Date: July 22, 2026 10:33 pm IST

मुंबई, 22 जुलाई (भाषा) सिंगापुर की सरकारी निवेश कंपनी टेमासेक का भारत में निवेश मार्च, 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में घटकर 42 अरब डॉलर रह गया, जो एक वर्ष पहले 50 अरब डॉलर था। हालांकि, कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि भारत अब भी टेमासेक के लिए सबसे महत्वपूर्ण निवेश गंतव्यों में से एक है।

अधिकारियों ने बताया कि निवेश में कमी का मुख्य कारण अगस्त, 2025 में श्नाइडर इलेक्ट्रिक से 6.4 अरब डॉलर की निकासी रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुद्रा विनिमय दर में उतार-चढ़ाव का इस कमी पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ा।

टेमासेक के प्रबंध निदेशक विशेष श्रीवास्तव ने पीटीआई-भाषा से कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी, उद्यमशीलता क्षमता और मजबूत तथा स्थिर नीतिगत माहौल है। वहीं, जोखिम मुख्य रूप से वैश्विक परिस्थितियों से जुड़े हैं, जिनमें 2025 के दौरान अमेरिकी शुल्क और वैश्विक तनाव शामिल हैं।

कंपनी के एक अन्य प्रबंध निदेशक मोहित भंडारी ने कहा, ‘‘भारत में हमारा निवेश अधिक है। वैश्विक जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में भारत की हिस्सेदारी लगभग चार प्रतिशत है, जबकि हमारे कुल निवेश में भारत की हिस्सेदारी इससे कहीं अधिक है।’’

टेमासेक की कुल परिसंपत्तियां बढ़कर 518 अरब सिंगापुर डॉलर हो गई हैं, लेकिन भारत में निवेश घटने के कारण कंपनी के कुल निवेश में भारत की हिस्सेदारी नौ प्रतिशत से घटकर सात प्रतिशत रह गई।

अधिकारियों ने कहा कि यह गिरावट एक विशेष लेनदेन के कारण अल्पकालिक है और कंपनी भारत में अपना निवेश बढ़ाने के अवसर तलाशती रहेगी। हालांकि, उन्होंने भारत में संभावित नए निवेश सौदों के आकार पर कुछ भी कहने से मना कर दिया।

कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान उसका अधिकांश निवेश मौजूदा कंपनियों में अतिरिक्त पूंजी निवेश के रूप में रहा। इसके अलावा, उसने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में क्लीनमैक्स जैसी कंपनियों में भी निवेश किया।

कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि पिछले दस वर्षों को देखा जाए तो भारत टेमासेक के लिए सबसे अधिक लाभ देने वाला बाजार बना हुआ है। इस अवधि में भारत में कंपनी का निवेश चार गुना बढ़कर 42 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।

भाषा रमण अजय

अजय


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