इंडियन बैंक का चालू वित्त वर्ष में 5,500 करोड़ रुपये के डूबे कर्ज की वसूली का लक्ष्य: प्रबंध निदेशक

इंडियन बैंक का चालू वित्त वर्ष में 5,500 करोड़ रुपये के डूबे कर्ज की वसूली का लक्ष्य: प्रबंध निदेशक

इंडियन बैंक का चालू वित्त वर्ष में 5,500 करोड़ रुपये के डूबे कर्ज की वसूली का लक्ष्य: प्रबंध निदेशक
Modified Date: July 12, 2026 / 11:15 am IST
Published Date: July 12, 2026 11:15 am IST

नयी दिल्ली, 12 जुलाई (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन बैंक ने चालू वित्त वर्ष (2026-27) में 5,500 करोड़ रुपये के डूबे कर्ज (एनपीए) की वूसली का लक्ष्य रखा है।

चेन्नई स्थित इंडियन बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एमडी एवं सीईओ) बिनोद कुमार ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा, ‘‘चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंक 1,885 करोड़ रुपये की वसूली कर चुका है। हमारा पूरे वित्त वर्ष में 4,500 से 5,500 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य है। वित्त वर्ष के अंत तक निर्धारित लक्ष्य हासिल करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।’’

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में लंबित मामलों से भी इस वित्त वर्ष में करीब 500 करोड़ रुपये की वसूली होने की उम्मीद है।

बिनोद कुमार ने विदेशी मुद्रा जमा (एफसीएनआर-बी) जुटाने के अभियान पर कहा कि नौ जुलाई तक बैंक 14 करोड़ डॉलर की जमा जुटा चुका है। बैंक ने सितंबर तक दो अरब डॉलर की एफसीएनआर (बी) जमा जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि फिलहाल बैंक के पास करीब एक अरब डॉलर की संभावित जमा की पाइपलाइन मौजूद है, जिससे लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि बैंक वर्तमान में एफसीएनआर (बी) जमा पर अवधि और राशि के आधार पर 5.5 प्रतिशत से 6.5 प्रतिशत तक ब्याज दे रहा है।

उल्लेखनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने प्रवासी भारतीयों (एनआरआई), विदेश में रहने वाले भारतीयों (ओसीआई) और भारतीय मूल के लोगों (पीआईओ) से विदेशी मुद्रा जमा आकर्षित करने के उद्देश्य से 30 सितंबर, 2026 तक तीन से पांच वर्ष की अवधि वाली नई एफसीएनआर (बी) जमा पर ब्याज दर की ऊपरी सीमा हटा दी है।

यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब एफसीएनआर (बी) जमा में शुद्ध प्रवाह वित्त वर्ष 2024-25 के 7.1 अरब डॉलर से घटकर वित्त वर्ष 2025-26 में 94.6 करोड़ डॉलर रह गया है। इससे पहले वर्ष 2013 में भी डॉलर के तेज बहिर्गमन के दौरान आरबीआई ने इसी तरह की व्यवस्था लागू की थी।

कम लागत वाली जमा बढ़ाने के प्रयासों का जिक्र करते हुए बिनोद कुमार ने कहा कि पहली तिमाही में बैंक के चालू एवं बचत खाते (कासा) जमा में 15.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। जून तिमाही के अंत तक कासा जमा बढ़कर 3.19 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 2.77 लाख करोड़ रुपये थी। कुल जमा में कासा की हिस्सेदारी बढ़कर 39.73 प्रतिशत हो गई है।

उन्होंने कहा कि बैंक का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष में कासा अनुपात को 40 प्रतिशत तक पहुंचाना है। इसके लिए कई नई पहल की गई हैं। बचत खातों में औसत शेष राशि बढ़कर 53,000 रुपये हो गई है, जबकि चालू खातों में औसत शेष राशि 1.36 लाख रुपये से बढ़कर 1.90 लाख रुपये पहुंच गई है।

इसके अलावा, बैंक ने जून तिमाही के दौरान 17 लाख निष्क्रिय खातों को दोबारा सक्रिय किया, जिससे बचत खातों में 1,469 करोड़ रुपये की अतिरिक्त जमा जुड़ी है।

भाषा अजय

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