नयी दिल्ली, 19 जून (भाषा) भारत के सौंदर्य एवं व्यक्तिगत देखभाल (बीपीसी) उत्पाद बाजार के वर्ष 2030 तक 39 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है। ई-कॉमर्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी फ्लिपकार्ट की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
रिपोर्ट के अनुसार, एक समय लोग सौदर्य को सिर्फ अपनी आकांक्षाओं वाली श्रेणी मानते थे, लेकिन आज इसे आत्म देखभाल और व्यक्तिगत पहचान की रोजाना जरूरत के रूप में देख रहे हैं।
‘फ्लिपकार्ट ग्लैमअप एनुअल ब्यूटी ट्रेंड्स रिपोर्ट-2026’ के अनुसार, वर्तमान में लगभग 27 अरब डॉलर मूल्य वाला भारतीय सौंदर्य बाजार वैश्विक स्तर पर सबसे आकर्षक वृद्धि वाले बाजारों में शामिल है।
फ्लिपकार्ट में ब्रांड रणनीति एवं अंतर्दृष्टि की वरिष्ठ निदेशक प्रियंका भार्गव ने कहा, ‘‘भारत का सौंदर्य बाजार एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। जो कभी आकांक्षी श्रेणी थी, वह अब आत्म-देखभाल, आत्मविश्वास और पहचान की दैनिक जरूरत के रूप में उभरा है। आज इसका मूल्य 27 अरब डॉलर है और वर्ष 2030 तक इसके 39 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।’’
रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी के मंच पर प्रत्येक सेकंड 12 सौंदर्य उत्पादों की खरीदारी की जाती है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में सौंदर्य एवं व्यक्तिगत देखभाल कारोबार का सकल व्यापार मूल्य पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में डेढ़ गुना बढ़ा, जबकि ऑर्डर और बिकने वाली इकाइयों की संख्या में 1.6 गुना वृद्धि दर्ज की गई।
इस वृद्धि में ‘जैन -जेड’ उपभोक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मंच पर सौंदर्य एवं व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों के खरीदारों में आधे से अधिक हिस्सेदारी इसी वर्ग की है।
भाषा यासिर रमण
रमण