CM Yogi Adityanath In Ayodhya : “जो कभी रामलला के दर्शन करने नहीं आए, वही आज रामभक्ति की बात कर रहे”, सीएम योगी ने विपक्ष पर बोला हमला

Ads

अयोध्या में महंत नृत्य गोपाल दास के 88वें जन्मोत्सव समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी रामलला के दर्शन करने नहीं आए और भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, वही आज रामभक्ति की दुहाई दे रहे हैं। सीएम योगी ने अयोध्या और श्रीराम जन्मभूमि को बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार द्वारा गठित SIT जल्द ही सच्चाई सामने लाएगी और राष्ट्रविरोधी ताकतों के मंसूबे सफल नहीं होने दिए जाएंगे।

  •  
  • Publish Date - June 19, 2026 / 09:39 PM IST,
    Updated On - June 19, 2026 / 09:39 PM IST

CM Yogi Adityanath In Ayodhya : Image Source ; SOCIAL MEDIA

HIGHLIGHTS
  • रामभक्ति पर राजनीति करने वालों पर योगी का बड़ा हमला।
  • अयोध्या को बदनाम करने की साजिश का लगाया आरोप।
  • SIT जांच से सच सामने आने का दावा।

अयोध्या : CM Yogi Adityanath In Ayodhya :  मणिरामदास छावनी के महंत एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज के 88वें जन्मोत्सव समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को लेकर विपक्ष को आड़े हाथ लिया। किया। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी अयोध्या में रामलला के दर्शन तक करने नहीं आए, वे आज रामभक्ति की बात कर रहे हैं! अयोध्या धाम, श्रीराम जन्मभूमि और उसकी परंपरा को बदनाम करने की सुनियोजित साजिश चल रही है। एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। राष्ट्रविरोधी शक्तियों के मंसूबे सफल नहीं होने दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब-जब भारत ने किसी भी कालखंड में सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास किया, तब-तब राष्ट्रविरोधी शक्तियों की नींद हराम हुई और इन लोगों ने देश को कमजोर करने तथा विकास की गति बाधित करने के लिए विभिन्न प्रकार के षड्यंत्र रचने शुरू कर दिए। उसी प्रकार की साजिश एक बार फिर सुनियोजित ढंग से प्रारंभ की गई है। अयोध्या धाम को बदनाम करने, श्रीराम जन्मभूमि पर अंगुली उठाने और उसकी पूरी परंपरा को कठघरे में खड़ा करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। कुंभ का प्रभारी किसको बना दिया था समाजवादी पार्टी के लोगों ने? जो भारत माता को गाली देता हो, वह आपका हितैषी होगा क्या?

Mahant Nritya Gopal Das 88th Birthday मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग 12 बजे सोकर उठते हैं, वह क्या समझेंगे तीर्थ की महिमा? सनातन धर्म के महत्व को ये लोग क्या समझ पाएंगे? जीवन भर भोग में मस्त रहने वाले योग के महत्व को नहीं समझ पाएंगे। इनके दोहरे चरित्र को देखिए, जो कभी अयोध्या में रामलला के दर्शन करने नहीं आए। जिनके शासनकाल में मर्यादा पुरुषोत्तम के अस्तित्व पर ही प्रश्न खड़े किए गए। जो भगवान राम के अस्तित्व को मिथक मानते थे। उच्चतम न्यायालय में एफिडेविट दाखिल करते थे। जो रामभक्तों पर गोली चलवाते थे। जय श्रीराम बोलने पर लाठी डंडा चलाते थे, वे रामभक्ति की दुहाई दे रहे हैं! इन दोहरे आचरण वालों से सावधान रहने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने एसआईटी का गठन कर दिया है। जब श्रीराम जन्मभूमि के लिए 500 वर्षों तक इंतजार किया गया, तो 15 दिन और इंतजार नहीं कर सकते? हमें धैर्य रखना चाहिए और किसी षड्यंत्र का हिस्सा नहीं बनना चाहिए। जो खुद को सबसे बड़ा रामभक्त दिखाने का प्रयास कर रहे हैं, वे न कभी रामभक्त थे और न कभी होंगे। यह उसी तरह है, जैसे कालनेमि ढोंग किया करता था। एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी।

संगम पर संत भी स्नान करता है और सफाईकर्मी भी

Hanuman Garhi Ram Mandir Crowd सीएम ने कहा कि ये वही लोग हैं जो कुंभ पर अंगुली उठाते थे। कहते थे कि कुंभ में भेदभाव होता है। उस सनातन धर्म पर सवाल उठाते हैं, जिसमें संगम पर संत स्नान करता है और सफाईकर्मी भी। इन लोगों ने सत्ता में रहने पर कुंभ आयोजन को भगदड़, अव्यवस्था व लूट-खसोट का अड्डा बना दिया था। ये लोग राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध कर रहे थे और आज भी कीचड़ उछालने का ही काम कर रहे हैं। आज अयोध्या पूरी दुनिया में चर्चा का विषय है। 9 साल पहले अयोध्या कैसी थी और आज कैसी है, इसका अंतर हर व्यक्ति स्पष्ट रूप से देख सकता है। पहले यहां संकरी गलियां, चारों ओर गंदगी का अंबार था। सरयू मैया की पावन धारा तो बहती थी, लेकिन राम की पैड़ी सुनसान पड़ी रहती थी। तब कोई श्रद्धालु गलती से ‘जय श्रीराम’ बोल देता था तो उसे पुलिस के डंडे का सामना करना पड़ता था। संतों के बारे में तरह-तरह की टिप्पणियां की जाती थीं, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।

अब अयोध्या का नाम सुनकर जागृत होता है श्रद्धा भाव

सीएम ने कहा कि आज अयोध्या का कोई संत देश-दुनिया में कहीं जाता है तो लोग उसका सम्मान करते हैं। अयोध्या का नाम सुनते ही लोगों के मन में श्रद्धा का भाव जागृत हो जाता है। यह अयोध्या, उत्तर प्रदेश और देश का सम्मान है। यह परिवर्तन प्रभु श्रीराम की कृपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संभव हुआ है। यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि श्रद्धालुओं को अगले कुछ दिनों तक रामकथा मर्मज्ञ एवं व्यासपीठ पर विराजमान स्वामी मिथिलेश नंदिनी शरण जी महाराज के श्रीमुख से श्रीराम कथा का आनंद लेने का अवसर प्राप्त होगा।

षड्यंत्रों के बहकावे में पड़ने की आवश्यकता नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि षड्यंत्रों के बहकावे में पड़ने की आवश्यकता नहीं है। प्रभु श्रीराम के भक्त होने के नाते हमें उनकी मर्यादा का भी ध्यान रखना चाहिए। श्रीराम ने 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया, लेकिन पिता की आज्ञा का उल्लंघन नहीं होने दिया। उन्होंने अपने जीवन को धर्म की स्थापना के लिए समर्पित किया। अयोध्या की पहचान प्रभु श्रीराम की मर्यादा से, काशी की पहचान भगवान शंकर की जीवंतता से, मथुरा वृंदावन की पहचान कृष्ण कन्हैया की भक्ति से और प्रयागराज की पहचान सनातन की समरसता से है। हमें इनको खोने नहीं देना है और किसी को इसके साथ खिलवाड़ नहीं करने देना है।

यह धन की निमित्त पर धर्म को त्यागने वाली सरकार नहीं

सीएम ने कहा कि जब आपने डबल इंजन की सरकार को चुना है तो मानकर चलिए कि जो भी होगा अच्छा होगा। भारत व सनातन धर्म के हित में होगा। यह धन की निमित्त पर धर्म को त्याग देने वाली सरकार नहीं है। यह सरकार देश व सनातन धर्म के संरक्षण के लिए सब कुछ करेगी। पूज्य महाराज जी के जन्मदिन पर उनकी साधना और रामजन्मभूमि के लिए उनकी तपस्या को सम्मान देने के लिए आया हूं।

अयोध्या में श्रद्धालुओं के उत्साह में कमी नहीं

अयोध्या पर हर व्यक्ति गौरव की अनुभूति करता है। लेकिन, कैसी-कैसी टिप्पणियां हो रही हैं। मैं आज यह देखने भी आया कि क्या सचमुच श्रद्धालु कम हुए हैं? देखा कि अयोध्या श्रद्धालुओं से खचाखच भरी है। दर्शन करने के लिए तपती धूप में हनुमानगढ़ी व राममंदिर गया, वहां भी यही स्थिति देखने को मिली।इस दौरान व्यासपीठ पर विराजमान सुप्रसिद्ध रामकथा मर्मज्ञ पूज्य संत मैथिलीशरण मिथिलेश नंदिनी शरण दास जी महाराज, जगद्गुरु रामानुजाचार्य, स्वामी विद्याभास्कर जी महाराज, महंत कमल नयन दास जी महाराज, पूज्य स्वामी रामानंदाचार्य जी महाराज, जगद्गुरु कृष्णाचार्य जी महाराज, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा आदि मौजूद रहे।

इन्हें भी पढ़ें: