भारत सरकार, निर्यातकों को ईरान संबंधी नए अमेरिकी शुल्क पर स्पष्टता का इंतजार
भारत सरकार, निर्यातकों को ईरान संबंधी नए अमेरिकी शुल्क पर स्पष्टता का इंतजार
नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) भारत मुख्यतः मानवीय आधार पर ईरान को खाद्य एवं औषधि उत्पादों का निर्यात करता है और अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा घोषित अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क इन वस्तुओं पर भी लागू होगा या नहीं। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह बात कही।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान के साथ कारोबार करने वाले किसी भी देश को अमेरिका के साथ अपने व्यापार पर 25 प्रतिशत शुल्क चुकाना होगा। इस कदम से भारत, चीन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदार प्रभावित हो सकते हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि प्रस्तावित नए प्रतिबंध ढांचे में मानवीय आधार पर होने वाले व्यापार को शामिल किया जाएगा या नहीं।
भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) ने कहा कि भारतीय कंपनियां और बैंक ईरान को लेकर अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी परिसंपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) की तरफ से लगाए प्रतिबंधों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं और केवल स्वीकृत मानवीय व्यापार, खासकर खाद्य पदार्थों और दवाओं, में ही संलग्न हैं।
ओएफएसी के पुराने प्रतिबंध नवंबर, 2018 में ईरान पर लगाए गए थे जिसके बाद भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय व्यापार में बड़ी गिरावट देखने को मिली।
फियो के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा कि नए शुल्क के भारत पर संभावित प्रभाव के बारे में किसी भी तरह की अस्पष्टता दूर करने के लिए अमेरिकी प्रशासन की ओर से स्पष्टता आनी जरूरी है।
ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की थी। लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई भी कार्यकारी आदेश या औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है, जिससे नए प्रतिबंधों का दायरा स्पष्ट हो सके।
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का ईरान के साथ द्विपक्षीय व्यापार 1.68 अरब डॉलर रहा, जिसमें से 1.24 अरब डॉलर का निर्यात मुख्य रूप से कृषि और दवा क्षेत्र से संबंधित था।
भारत से ईरान को निर्यात किए जाने वाले प्रमुख उत्पादों में अनाज, पशु चारा, चाय-कॉफी, मसाले, फल-सब्जियां और औषधियां शामिल हैं।
फियो ने कहा, ‘चूंकि ईरान के साथ भारत का अधिकांश व्यापार मानवीय प्रकृति का है, इसलिए अतिरिक्त अमेरिकी शुल्क का भारत पर प्रभाव लगभग नगण्य रहने की संभावना है।’
भारतीय निर्यातकों के नजरिये से ट्रंप की नई घोषणा इस लिहाज से अहम है कि भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में अगस्त से ही 50 प्रतिशत तक शुल्क लगा दिया गया है। इसमें से 25 प्रतिशत शुल्क रूस से तेल खरीद जारी रखने पर जुर्माने के तौर पर लगाया गया था।
भाषा प्रेम
प्रेम रमण
रमण

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