नयी दिल्ली, 21 फरवरी (भाषा) इंडियन ओवरसीज बैंक अधिकारी संघ (आईओबीओए) ने बैंक प्रबंधन के कथित तौर पर दमनकारी निगरानी उपायों और कार्यस्थल नियमों के विरोध में दो मार्च को एक-दिवसीय अखिल भारतीय हड़ताल की घोषणा की है।
अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ (एआईबीओसी) ने इस कदम का समर्थन करते हुए कहा कि इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) की कार्यसंस्कृति में गंभीर और चिंताजनक बदलाव आए हैं।
परिसंघ ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को बैंक में जबरन देर तक बैठने के लिए मजबूर किया जा रहा है और एकतरफा ‘एंड-ऑफ-डे’ पाबंदियां लगाई जा रही हैं, जो उनके सम्मान और पेशेवर स्वायत्तता को प्रभावित करती हैं।
‘एंड-ऑफ-डे’ पाबंदियों का मतलब है कि बैंक का रोजमर्रा का कामकाज और सिस्टम क्लोजर पूरा होने तक अधिकारियों को अनिवार्य रूप से बैंक में मौजूद रहना है।
एक बयान के मुताबिक, मनोबल, मानसिक स्वास्थ्य और संस्थागत कामकाज से जुड़ी चिंताओं को बार-बार उठाने के बावजूद प्रबंधन की ओर से कोई उचित प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
आईओबी अधिकारी संघ की मांगों में कामकाज के मानवीय घंटों की बहाली, कुछ मानव संसाधन शर्तों को वापस लेना, पारदर्शी कामकाज, पर्याप्त भर्ती और मनमाने ढंग से छुट्टी देने से इनकार एवं दंडात्मक प्रावधानों की वापसी शामिल हैं।
विरोध प्रदर्शन की रणनीति के तहत, 23 फरवरी को क्षेत्रीय केंद्रों पर प्रदर्शन और 26 फरवरी को धरने आयोजित किए जाएंगे, जिसका समापन दो मार्च को देशव्यापी हड़ताल के साथ होगा।
भाषा सुमित प्रेम
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