(कुशान सरकार)
अहमदाबाद, 21 फरवरी (भाषा) तिलक वर्मा की टी20 विश्व कप के चारों लीग मैच में संघर्षपूर्ण बल्लेबाजी को सबने देखा है लेकिन कप्तान सूर्यकुमार यादव ने उनकी जगह किसी और को लाने की बात को खारिज करते हुए कहा कि वह टीम प्रबंधन के निर्देश के अनुसार ही अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
तिलक का करियर स्ट्राइक-रेट 141 से ज्यादा है लेकिन यह गिरकर 120 के आस-पास आ गया है क्योंकि वह धीमे गेंदबाजों के खिलाफ उन पिचों पर संघर्ष कर रहे हैं जहां गेंद थोड़ी ज्यादा ‘ग्रिप’ कर रही होती है।
कप्तान सूर्यकुमार के विपरीत तिलक चार मैच में सिर्फ 11 चौके और तीन छक्के लगा सके हैं और अपनी लय नहीं बदल पाए हैं।
सूर्यकुमार ने कहा, ‘‘मेरा मतलब है कि मैंने उसे बताया है, टीम प्रबंधन ने उसे बताया है कि उसे उसी तरह बल्लेबाजी करनी है। अगर एक विकेट गिर जाता है तो वह निश्चित रूप से, पावरप्ले में जाकर अपना गेम खेल सकता है। ’’
भारतीय कप्तान ने इसके पीछे के कारण को समझाते हुए कहा, ‘‘लेकिन जैसे ही दो विकेट गिरते हैं तो उसे थोड़ा संभलकर खेलना होगा, फिर से साझेदारी करनी होगी, 10वें ओवर तक पहुंचना होगा और फिर गेंदबाजों को खेलने के लिए आक्रामकता बरतनी होगी। ’’
लेकिन सूर्यकुमार ने कहा कि तिलक ने भी अपने लिए ऊंचे मानक तय किए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित रूप से मुझे यकीन है कि वह अभी जिस तरह से बल्लेबाजी कर रहा है, उससे खुश नहीं होगा। उसने पिछले दो तीन अभ्यास सत्र में काफी अभ्यास किया है। लेकिन मुझे उसके बारे में कोई चिंता नहीं है। वह तीसरे नंबर पर भारत के लिए बहुत अच्छा खेल रहा है और मुझे पूरा भरोसा है कि वह इसे और बेहतर करेगा। ’’
तिलक की जगह संजू सैमसन को खिलाने का मौका हो सकता है, इस सुझाव पर सूर्यकुमार ने हंसते हुए कहा, ‘‘तुम्हारा मतलब है, मुझे उसे (सैमसन को) तिलक की जगह खिलाना चाहिए? ’’
उन्होंने कहा, ‘‘पावरप्ले में सब ठीक चल रहा है। हम 40-50 रन बना रहे हैं। यह सामान्य क्रिकेट है। अब हम द्विपक्षीय मैच में इतना अच्छा खेले हैं। ऐसा होता है। हमें खुद से भी उम्मीदें हैं। 220, 240, 250 रन बनाने की उम्मीद। ’’
सूर्यकुमार ने कहा, ‘‘लेकिन यहां विकेट थोड़े अलग हैं। अब तक हमने जिन चार विकेट पर खेले हैं, वे थोड़े अलग और चुनौतीपूर्ण थे। ऑफ-स्पिनर पहले गेंदबाजी नहीं कर रहे थे, लेकिन अब कर रहे हैं। इसलिए हमने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है और उम्मीद है कि हम अपनी सुपर आठ यात्रा शुरू करते ही इससे निपट लेंगे। ’’
सूर्यकुमार अपनी गेंदबाजी इकाई से बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अपनी गेंदबाजी इकाई पर गर्व है। मुझे पता है कि किसी दिन, अगर हम कभी 170, 175 या 180 रन बनाते हैं तो हमारे पास एक अच्छा गेंदबाजी आक्रमण है जो मैच बचा सकता है और मैच जीता सकता है। ’’
भाषा नमिता मोना
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