नयी दिल्ली, एक सितंबर (भाषा) देश की बिजली खपत अगस्त में सालाना आधार पर 12.85 प्रतिशत बढ़कर 169.01 अरब यूनिट (बीयू) हो गई। देश के कई हिस्सों में अधिक नमी के कारण एयर कंडीशनर (एसी) जैसे ठंडक देने वाले उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ने से बिजली की मांग और खपत बढ़ी।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अगस्त, 2025 में देश की कुल बिजली खपत 149.76 अरब यूनिट रही थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, देशभर में नम परिस्थितियों के कारण वास्तविक तापमान की तुलना में अधिक गर्मी महसूस होने से एयर कंडीशनर जैसे ठंडक देने वाले उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ा, जिससे बिजली की मांग और खपत में वृद्धि हुई।
आंकड़ों के अनुसार, बिजली की अधिकतम मांग पिछले महीने बढ़कर 258.27 गीगावाट हो गई, जबकि अगस्त, 2025 में यह 229.72 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1000 मेगावाट) थी। हालांकि, अगस्त में बिजली की अधिकतम मांग मई में दर्ज 270.82 गीगावाट के रिकॉर्ड स्तर से काफी कम रही।
बिजली की अधिकतम मांग पिछले साल जून, 2025 में 242.77 गीगावाट दर्ज की गई थी, लेकिन यह सरकार के 277 गीगावाट के अनुमान से कम रही थी।
विशेषज्ञों ने कहा कि जारी मानसून के दौरान नमी की स्थिति बनी रहने से सितंबर में भी बिजली की मांग स्थिर रहने की उम्मीद है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस साल मानसून में सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है। नवीनतम पूर्वानुमान में सितंबर में भी सामान्य से कम बारिश होने के आसार हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम संबंधी अनुमानित परिस्थितियों से सितंबर में भी बिजली की मांग और खपत बढ़ सकती है।
भाषा निहारिका अजय
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