ब्रिक्स देशों को भारत का निर्यात 2030 तक 200 अरब डॉलर होने की संभावना: एसोचैम
ब्रिक्स देशों को भारत का निर्यात 2030 तक 200 अरब डॉलर होने की संभावना: एसोचैम
नयी दिल्ली, 18 जून (भाषा) भारत के पास ब्रिक्स देशों को निर्यात बढ़ाकर वर्ष 2030 तक 200 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने की क्षमता है, जो पिछले वित्त वर्ष में 96 अरब अमेरिकी डॉलर थी। उद्योग मंडल एसोचैम ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।
ब्रिक्स 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया शामिल हैं।
उद्योग मंडल ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, खनिज और धातु उत्पाद, रसायन, वाहन और वाहन कलपुर्जे, कपड़ा, चमड़ा, इंजीनियरिंग उत्पाद, दवा उत्पाद, रत्न और आभूषण, चावल, खाद्य तथा समुद्री उत्पाद ऐसे प्रमुख क्षेत्र हैं, जिन पर भारत ब्रिक्स देशों को अपना निर्यात बढ़ाने के लिए ध्यान केंद्रित कर सकता है।
एसोचैम ने एक बयान में कहा, ‘भारत के लिए मौजूद महत्वपूर्ण और अप्रयुक्त अवसरों को देखते हुए एसोचैम का मानना है कि ‘दक्षिण-दक्षिण सहयोग’ को बढ़ावा देकर वर्ष 2030 तक भारत का निर्यात 200 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इसके साथ ही ब्रिक्स देशों के कुल वैश्विक आयात में भारत की हिस्सेदारी 2030 तक बढ़कर चार प्रतिशत हो सकती है।’
उद्योग मंडल के अनुसार, भारत के विनिर्माण क्षेत्र की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता और सदस्य देशों के बीच उभरती मांग-आपूर्ति प्रवृत्तियों के कारण ‘ब्रिक्स प्लस’ के तहत भारत के निर्यात वृद्धि को रफ्तार मिल रही है।
भाषा
योगेश अजय
अजय

Facebook


