नयी दिल्ली, 15 जनवरी (भाषा) इलेक्ट्रॉनिक्स और समुद्री उत्पादों जैसी विभिन्न वस्तुओं के निर्यात में उछाल से पिछले साल दिसंबर में चीन को होने वाला भारतीय निर्यात 67.35 प्रतिशत बढ़कर 2.04 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वाणिज्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
निर्यात में यह तेजी मुख्य रूप से तेल खली, समुद्री उत्पाद, दूरसंचार उपकरण और मसालों जैसे उत्पादों के कारण रही।
आंकड़ों के अनुसार, आलोच्य महीने के दौरान चीन से आयात भी 20 प्रतिशत बढ़कर 11.7 अरब डॉलर रहा।
चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि के दौरान चीन को होने वाला निर्यात 36.7 प्रतिशत बढ़कर 14.24 अरब डॉलर रहा, जबकि पहले नौ महीनों के दौरान आयात 13.46 प्रतिशत बढ़कर 95.95 अरब डॉलर हो गया। इस दौरान व्यापार घाटा 81.71 अरब डॉलर रहा।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने इन आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘यह एक स्वागत योग्य वृद्धि है।’
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में वृद्धि दर्ज करने वाली मुख्य वस्तुओं में ‘पॉपुलेटेड प्रिंटेड सर्किट बोर्ड’ (पीसीबी), ‘फ्लैट पैनल डिस्प्ले मॉड्यूल’ और टेलीफोनी के लिए अन्य विद्युत उपकरण शामिल रहे।
निर्यात किए जाने वाले प्रमुख कृषि और समुद्री उत्पादों में सूखी मिर्च, ब्लैक टाइगर झींगा, मूंग, वनमेई झींगा और तेल खल अवशेष शामिल हैं। इसी तरह, एल्युमीनियम और परिष्कृत तांबा सिल्लियों ने भी निर्यात वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका के बाद चीन भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
भाषा सुमित रमण
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