मुंबई, 17 अप्रैल (भाषा) देश का विदेशी मुद्रा भंडार 10 अप्रैल को समाप्त सप्ताह के दौरान 3.82 अरब डॉलर बढ़कर 700.94 अरब डॉलर रहा। भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को यह कहा।
इससे पहले तीन अप्रैल को समाप्त सप्ताह में कुल भंडार 9.06 अरब डॉलर बढ़कर 697.12 अरब डॉलर रहा था।
पश्चिम एशिया संघर्ष की शुरुआत से पहले इस साल 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार 728.49 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, संघर्ष के कारण रुपये पर दबाव बढ़ा और आरबीआई को विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की बिक्री के जरिये हस्तक्षेप करना पड़ा, जिससे लगातार कई हफ्तों तक भंडार में गिरावट देखी गई थी।
केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार 10 अप्रैल को समाप्त सप्ताह के लिए, विदेशी मुद्रा भंडार का एक प्रमुख घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (एफसीए) 3.12 अरब डॉलर बढ़कर 555.98 अरब डॉलर पर रही।
डॉलर के रूप में व्यक्त की जाने वाली विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर अमेरिकी मुद्राओं की तेजी या गिरावट के प्रभाव को भी शामिल किया जाता है।
आरबीआई ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान स्वर्ण भंडार का मूल्य 60.1 करोड़ डॉलर बढ़कर 121.34 अरब डॉलर हो गया। विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 5.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.76 अरब डॉलर रहा।
आंकड़ों के मुताबिक समीक्षाधीन सप्ताह के अंत में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास भारत की आरक्षित स्थिति 4.1 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.85 अरब डॉलर रही।
भाषा पाण्डेय रमण
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