पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत का तेल आयात रिकॉर्ड स्तर पर

पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत का तेल आयात रिकॉर्ड स्तर पर

पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत का तेल आयात रिकॉर्ड स्तर पर
Modified Date: July 1, 2026 / 01:56 pm IST
Published Date: July 1, 2026 1:56 pm IST

नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) भारत ने पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बीच जून में प्रतिदिन 49.3 लाख बैरल (बीपीडी) कच्चे तेल का आयात किया, जो उस महीने के लिए अब तक का सबसे अधिक रिकॉर्ड है। ऊर्जा खुफिया कंपनी केप्लर के आंकड़ों और विश्लेषण से यह जानकारी मिली।

केप्लर के विश्लेषक सुमित रितोलिया ने बताया कि इस दौरान रूस से कच्चे तेल का आयात बढ़कर लगभग 26 लाख बैरल प्रति दिन हो गया, जिससे रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना रहा। रूस से आयात जून में भारत के कुल तेल आयात का आधे से अधिक रहा, जबकि मई में यह 36.5 प्रतिशत था। भारत ने रूस से 21.3 लाख बैरल प्रति दिन आयात किया था।

रूस 2022-23 से भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है, क्योंकि यूरोपीय देशों द्वारा रूस से आयात घटाने के बाद भारतीय रिफाइनरियों ने रियायती रूसी तेल की खरीद बढ़ा दी थी।

यह रिकॉर्ड आयात मात्रा दिखाती है कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताओं के बावजूद भारत विविध स्रोतों से कच्चे तेल की आपूर्ति बनाए रखने में सक्षम रहा है।

रितोलिया ने कहा, ‘‘ पिछले 100 दिन में भारत के कच्चे तेल आयात ने उल्लेखनीय मजबूती दिखाई है। भारत प्रमुख आयातकों में सबसे बेहतर स्थिति में रहा है, जिसने सक्रिय विविधीकरण और खरीद रणनीति के माध्यम से आपूर्ति को बनाए रखा है।’’

उन्होंने कहा कि भारतीय रिफाइनरियों ने अगस्त के पहले हिस्से तक के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले ही सुरक्षित कर ली है, क्योंकि सामान्यतः तेल की खरीद एक-दो महीने पहले कर ली जाती है।’’

मौजूदा भू-राजनीतिक जोखिमों के बावजूद वैश्विक आपूर्ति पर्याप्त बनी हुई है जिसमें अफ्रीका, रूस और वेनेजुएला से बढ़ते निर्यात, ओपेक+ उत्पादन में वृद्धि और होर्मुज जलडमरूमध्य से निरंतर तेल प्रवाह शामिल है।

रितोलिया ने कहा कि निकट भविष्य में ईरान के कच्चे तेल का आयात बढ़ने के आसार नहीं है, हालांकि जुलाई या अगस्त में कुछ सीमित अवसरवादी खेपें आ सकती हैं।

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक और उपभोक्ता देश है। देश अपनी तेल जरूरतों का 88 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात से पूरा करता है और 2022 के बाद से रियायती रूसी तेल की खरीद में काफी वृद्धि की है।

उन्होंने कहा कि भारत की तेल आयात स्थिति फिलहाल संतोषजनक दिखती है और रिफाइनरियां समय रहते आपूर्ति सुरक्षित कर रही हैं। कुल मिलाकर, भारत का कच्चा तेल आयात खंड विविध, संतुलित और पर्याप्त रूप से सुरक्षित स्थिति में है।

भाषा निहारिका पवनेश

पवनेश


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