भारत का व्यापार पश्चिम एशिया के साथ लगातार दूसरे महीने घटा
भारत का व्यापार पश्चिम एशिया के साथ लगातार दूसरे महीने घटा
नयी दिल्ली, 15 मई (भाषा) भारत का पश्चिम एशिया से व्यापार अप्रैल में लगातार दूसरे महीने घटा है। अमेरिका-इजराइल का ईरान के साथ युद्ध से पश्चिम एशिया क्षेत्र में समुद्री व्यापार मार्ग बाधित होने के कारण व्यापार में कमी आई है।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि इस अवधि में भारत का पश्चिम एशिया को होने वाला वस्तु निर्यात 28 प्रतिशत घटकर 4.16 अरब डॉलर रह गया, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह 5.78 अरब डॉलर था।
इस क्षेत्र से आयात भी 31.64 प्रतिशत घटकर 10.47 अरब डॉलर रह गया, जो एक साल पहले 15.32 अरब डॉलर था।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को भारत का निर्यात 36.39 प्रतिशत घटकर 2.18 अरब डॉलर और सऊदी अरब को 2.89 प्रतिशत घटकर 85.2 करोड़ डॉलर रहा।
हालांकि, यूएई से आयात 34.63 प्रतिशत घटकर 4.07 अरब डॉलर रहा, जबकि सऊदी अरब से आयात 30.29 प्रतिशत बढ़कर 3.84 अरब डॉलर और ओमान से 246.42 प्रतिशत बढ़कर 1.48 अरब डॉलर रहा।
मार्च में भी पश्चिम एशिया क्षेत्र के साथ भारत का व्यापार 50 प्रतिशत से अधिक घटा था।
अधिकारियों के अनुसार अमेरिका-इजराइल द्वारा फरवरी में ईरान पर किए गए संयुक्त हमले के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर प्रतिबंध और बाधाएं बढ़ गई हैं।
यह 33 किलोमीटर चौड़ा जलमार्ग भारत और पश्चिम एशियाई देशों के बीच समुद्री व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें यूएई, ओमान, ईरान, बहरीन और सऊदी अरब शामिल हैं।
आमतौर पर भारत इस क्षेत्र को हर महीने लगभग छह अरब डॉलर का निर्यात करता है।
इस गिरावट का असर रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं, पेट्रोलियम उत्पाद और चावल जैसे प्रमुख निर्यात क्षेत्रों पर पड़ा है।
तेल और गैस आपूर्ति बाधित होने से इस्पात, प्लास्टिक और रबर जैसे कच्चे माल की कीमतों में भी वृद्धि देखी गई है।
भाषा योगेश रमण
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