विशिष्ट लौह, इस्पात उत्पादों के निर्यातक सूक्ष्म, लघु उद्यमों को मिलेगी ब्याज सहायता
विशिष्ट लौह, इस्पात उत्पादों के निर्यातक सूक्ष्म, लघु उद्यमों को मिलेगी ब्याज सहायता
नयी दिल्ली, 21 अप्रैल (भाषा) सरकार ने वैश्विक अनिश्चितताओं से जूझ रहे व्यापार समुदाय को राहत देने के लिए 167 विशिष्ट लौह एवं इस्पात उत्पाद श्रेणियों का निर्यात करने वाले सूक्ष्म और लघु उद्यमों (एमएसई) को ब्याज सहायता का लाभ देने का फैसला किया है।
हालांकि, इस योजना का लाभ मध्यम श्रेणी के उद्यमों को नहीं मिलेगा।
सरकार ने जनवरी में 7,295 करोड़ रुपये के निर्यात प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की थी जिसमें 5,181 करोड़ रुपये की ब्याज सहायता योजना और गिरवी के आधार पर कर्ज लेने में 2,114 करोड़ रुपये की संस्थागत मदद शामिल है।
इन उपायों को वर्ष 2025 से 2031 तक छह वर्षों के दौरान लागू किया जाएगा।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक व्यापार नोटिस में कहा है कि इन 167 उत्पाद श्रेणियों पर ब्याज सहायता का लाभ केवल उन्हीं मामलों में मिलेगा, जहां सूक्ष्म और लघु उद्यम निर्यात के लिए कर्ज लेते हैं।
इस बीच, सरकार ने एक अलग अधिसूचना में पश्चिम एशिया संकट को ध्यान में रखते हुए बैराइट (प्राकृतिक बेरियम सल्फेट) की कुछ किस्मों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह खनिज पेंट, प्लास्टिक और तेल-गैस ड्रिलिंग जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल होता है।
डीजीएफटी के अनुसार, बैराइट के ग्रेड ए और ग्रेड बी को ‘प्रतिबंधित’ श्रेणी में रखा गया है, जबकि ग्रेड सीडीडब्ल्यू को ‘मुक्त’ श्रेणी में ही रखा गया है।
प्रतिबंधित श्रेणी के उत्पादों के निर्यात के लिए संबंधित निदेशालय से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
भाषा प्रेम
प्रेम रमण
रमण

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