मुंबई/नयी दिल्ली, 22 मार्च (भाषा) एयर इंडिया के प्रमुख कैंपबेल विल्सन ने कहा है कि समूह पश्चिम एशिया के संघर्ष से काफी प्रभावित हुआ है और इसका वित्तीय प्रभाव अभी पूरी तरह से महसूस होना बाकी है। उन्होंने अनावश्यक खर्चों पर पहले से कहीं अधिक सख्त नियंत्रण रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।
घाटे में चल रही एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस पश्चिम एशिया संकट के कारण दूसरी एयरलाइन कंपनियों की तरह परिचालन बाधाओं से जूझ रही हैं। अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के बाद यह संकट गहरा गया।
विल्सन ने शुक्रवार को कर्मचारियों को भेजे एक संदेश में कहा, ‘‘संघर्ष शुरू होने के बाद से तीन सप्ताह में हमें इस क्षेत्र की लगभग 2,500 उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। आज की स्थिति में हम अपनी सामान्य पश्चिम एशिया उड़ानों का केवल 30 प्रतिशत ही संचालित कर पा रहे हैं। कई हवाई अड्डे और हवाई क्षेत्र बंद हैं, या उन्हें हमारे सुरक्षा मानकों से बाहर माना गया है।’’
हवाई क्षेत्र के प्रतिबंधों के कारण एयरलाइन की ब्रिटेन, यूरोप और उत्तरी अमेरिका की उड़ानें भी लंबे हवाई मार्गों का उपयोग कर रही हैं, जिससे ईंधन की खपत बढ़ गई है।
विल्सन ने कहा कि पश्चिम एशिया के लिए और वहां से होकर होने वाले परिचालन के बड़े पैमाने को देखते हुए एयर इंडिया समूह पर इसका प्रभाव महत्वपूर्ण है।
विल्सन के अनुसार, इस संकट का वित्तीय असर अभी पूरी तरह सामने नहीं आया है। विमान ईंधन की हाजिर कीमतें दोगुनी से अधिक हो गई हैं, लेकिन समूह पर इसका ज्यादातर प्रभाव अगले महीने से ही दिखाई देगा।
एयर इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ने संदेश में कहा, ‘‘फिलहाल, हमें सुरक्षित परिचालन पर ध्यान देना चाहिए, गैर-जरूरी या अनावश्यक खर्चों पर पहले से कहीं अधिक सख्त नियंत्रण रखना चाहिए, एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए और अपने ग्राहकों को बेहतरीन एयर इंडिया सेवा प्रदान करना जारी रखना चाहिए।’’
भाषा पाण्डेय अजय
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