झारखंड ने दी सहमति, सभी राज्यों ने जीएसटी कमी को पूरा करने को केंद्र की उधारी योजना स्वीकारी

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झारखंड ने दी सहमति, सभी राज्यों ने जीएसटी कमी को पूरा करने को केंद्र की उधारी योजना स्वीकारी

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  • Publish Date - December 5, 2020 / 02:04 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:05 PM IST

नयी दिल्ली, पांच दिसंबर (भाषा) वित्त मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि झारखंड ने जीएसटी की कमी को पूरा करने के लिए कर्ज प्राप्त करने की केंद्र की योजना को स्वीकार कर लिया है और उसे विशेष माध्यम से 1,689 करोड़ रुपये मिलेंगे।

इसके साथ ही तीन केंद्र शासित प्रदेशों (जहां विधानसभाएं हैं) और सभी 28 राज्यों ने जीएसटी कर संग्रह में कमी को पूरा करने के लिए केंद्र की उधारी योजना को स्वीकार कर लिया है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘सभी 28 राज्यों और विधानसभा वाले तीन केंद्रशासित प्रदेशों ने जीएसटी लागू होने के कारण राजस्व कमी को पूरा करने के लिए विकल्प-1 को अपनाने का फैसला किया है। एकमात्र बचा राज्य झारखंड ने विकल्प-1 को अपनाने की सूचना दी है।’’

केंद्र शासित राज्यों दिल्ली, जम्मू और कश्मीर तथा पुडुचेरी ने विकल्प-1 को स्वीकार किया है।

केंद्र ने पहले ही राज्यों की ओर से पांच किस्तों में 30,000 करोड़ रुपये उधार लिए हैं और इसे 26 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों को 23 अक्टूबर, दो नवंबर, नौ नवंबर, 23 नवंबर और एक दिसंबर को दिया जा चुका है।

उधारी कार्यक्रम के अगले दौर में झारखंड और छत्तीसगढ़ को भी इस माध्यम से धनराशि मिलेगी। इस सप्ताह की शुरुआत में छत्तीसगढ़ ने विकल्प-1 को अपनाने की सूचना दी थी।

मंत्रालय ने कहा कि सात दिसंबर 2020 को राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को अगली किस्त के रूप में 6,000 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे।

विकल्प-एक का चयन करने वाले राज्यों को जीएसटी के क्रियान्यन से हुए नुकसान की भरपाई के लिए कर्ज लेने की विशेष सुविधा दी जाएगी।

साथ ही इस विकल्प को स्वीकार करने पर राज्यों को आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत राज्य सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 0.50 प्रतिशत की अंतिम किस्त का कर्ज बिना किसी शर्त के लेने की अनुमति होगी। इस मिशन के तहत राज्य जीएसडीपी का कुल दो प्रतिशत उधार ले सकते हैं।

भाषा पाण्डेय मनोहर

मनोहर