‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिये कल मिलेगी 800 टन प्याज की आपूर्ति

‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिये कल मिलेगी 800 टन प्याज की आपूर्ति

‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिये कल मिलेगी 800 टन प्याज की आपूर्ति
Modified Date: August 25, 2026 / 07:01 pm IST
Published Date: August 25, 2026 7:01 pm IST

नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) सरकार राष्ट्रीय राजधानी में सब्सिडी वाली दर यानी 35 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से प्याज बेचेगी। यह मौजूदा औसत खुदरा कीमत से लगभग 36 प्रतिशत कम है। इसके लिए पहली ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिये बुधवार को 800 टन प्याज की आपूर्ति यहां पहुंचेगी।

उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में नाफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार स्टोर के जरिये प्याज बेचा जाएगा।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच पर कहा कि खास रेलवे रैक के जरिये चेन्नई, एर्नाकुलम, मदुरै और गुवाहाटी जैसे चार अन्य केंद्रों पर भी बड़ी मात्रा में प्याज भेजा जा रहा है। इन खपत केंद्रों पर भेजा जा रहा प्याज महाराष्ट्र के नासिक में रखा गया बफर स्टॉक है। कीमतों में वृद्धि को रोकने के लिए यह स्टॉक जारी किया जा रहा है।

प्याज की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत एक महीने में 28 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 25 अगस्त को 44.72 रुपये प्रति किलो हो गई, जो 25 जुलाई को 34.80 रुपये प्रति किलो थी। एक साल पहले इसी दिन कीमत 28.67 रुपये प्रति किलो थी, जो 56 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी को दिखाती है।

प्रमुख शहरों में, मंगलवार को खुदरा प्याज की कीमतें चेन्नई में 60 रुपये प्रति किलो (एक साल पहले 35 रुपये प्रति किलो), दिल्ली में 55 रुपये प्रति किलो (साल भर पहले 33 रुपये), कोलकाता में 60 रुपये प्रति किलो (साल भर पहले 32 रुपये प्रति किलो), मुंबई में 48 रुपये प्रति किलो (साल भर पहले 32 रुपये प्रति किलो) और रांची में 38 रुपये प्रति किलो (साल भर पहले 25 रुपये प्रति किलो) थीं।

मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि 25 अगस्त को औसत थोक कीमत 63 प्रतिशत बढ़कर 36.73 रुपये प्रति किलो हो गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 22.54 रुपये प्रति किलो थी। एक महीने में थोक कीमतों में 33.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

बड़े पैमाने पर प्याज की ढुलाई के लिए लॉजिस्टिक की क्षमता बढ़ाने के मकसद से ‘कांदा एक्सप्रेस’ पहल 2024-25 में शुरू की गई थी और तब से इसे काफी बढ़ाया गया है।

वर्ष 2024-25 में, लगभग 12,000 टन प्याज का बफर स्टॉक लेकर 14 रेलवे रैक पांच शहरों में भेजे गए थे। वर्ष 2025-26 में, इसका विस्तार करके 86 रैक के जरिये देश भर के 16 बड़े शहरों में लगभग 88,000 टन प्याज भेजा गया।

प्याज का बफर स्टॉक केंद्र का एक रणनीतिक भंडार है, जिसे मुख्य रूप से आपूर्ति कम होने पर कीमतों में अचानक उछाल से बाजार को बचाने के लिए बनाया गया है। सरकार मूल्य स्थिरीकरण कोष योजना के तहत अलग-अलग उत्पादक राज्यों में प्याज का स्टॉक बनाए रखती है।

वर्ष 2026 के लिए लगभग 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक बनाए रखा गया है।

सरकार के अनुसार, आने वाले महीनों में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए प्याज की उपलब्धता ठीक-ठाक रहेगी। वर्ष 2025-26 में अनुमानित उत्पादन 307.37 लाख टन है, जो पिछले साल के 307.67 लाख टन के उत्पादन के लगभग बराबर है।

त्योहारों के समय मांग, मौसम से जुड़ी रुकावटों, आपूर्ति श्रृंखला की गतिविधियों और मांग की बदलती पद्धति के कारण अगस्त-सितंबर से प्याज की कीमतों में आम तौर पर मौसमी बढ़ोतरी देखी जाती है।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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