कर्नाटक सरकार ने प्रौद्योगिकी, नवोन्मेष के लिए आईएनक्यू इनोवेशन ग्लोबल से किया समझौता
कर्नाटक सरकार ने प्रौद्योगिकी, नवोन्मेष के लिए आईएनक्यू इनोवेशन ग्लोबल से किया समझौता
बेंगलुरु, चार सितंबर (भाषा) कर्नाटक सरकार ने प्रौद्योगिकी, नवोन्मेष, स्टार्टअप, अनुसंधान और निवेश के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने के मकसद से ऑस्ट्रेलिया की आईएनक्यू इनोवेशन ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर शुक्रवार को हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के तहत कर्नाटक और न्यू साउथ वेल्स के नवोन्मेष परिवेश को जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है।
साझेदारी का मकसद कर्नाटक के स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी कंपनियों को ऑस्ट्रेलिया में वैश्विक बाजारों, निवेशकों, उद्योग नेटवर्क तथा नवोन्मेष परिवेश तक पहुंच बनाने के लिए मंच उपलब्ध कराना है।
अधिकारियों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किए गए इस समझौते के तहत कर्नाटक और न्यू साउथ वेल्स के बीच ‘प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सेतु’ के रूप में सहयोग विकसित किया जाएगा। इसमें स्टार्टअप के लिए बाजार तक पहुंच, उभरती प्रौद्योगिकियां, अकादमिक एवं अनुसंधान साझेदारी, संस्थागत संपर्क तथा निवेशकों और उद्यम पूंजी तक पहुंच जैसे क्षेत्र शामिल होंगे।
विभाग की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, आईएनक्यू इनोवेशन ग्लोबल ऑस्ट्रेलिया स्थित नवोन्मेष परिवेश को बढ़ावा देने वाली कंपनी है। यह स्टार्टअप, प्रौद्योगिकी, निवेशक, अकादमिक, अनुसंधान, उद्योग और सरकारी क्षेत्रों के बीच संपर्क स्थापित करने के साथ-साथ विस्तार कार्यक्रमों में सहयोग करती है।
सूचना प्रौद्योगिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री प्रियंक खरगे ने कहा कि कर्नाटक के विकास का अगला चरण इस बात से तय होगा कि राज्य अपने स्टार्टअप, नवोन्मेषकों और शोध संस्थानों को वैश्विक बाजारों तथा पूंजी से कितनी प्रभावी ढंग से जोड़ पाता है।
उन्होंने कहा, ‘‘आईएनक्यू इनोवेशन ग्लोबल के साथ यह साझेदारी कर्नाटक और न्यू साउथ वेल्स के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु तैयार करती है। इससे हमारे स्टार्टअप को नए बाजारों, निवेशकों, विशेषज्ञता और रणनीतिक साझेदारियों तक पहुंच बनाने के अवसर मिलेंगे।’’
सहयोग के तहत गहन प्रौद्योगिकी और कृत्रिम मेधा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा प्रौद्योगिकी, कृषि एवं स्वच्छ प्रौद्योगिकी, रक्षा एवं हवाई क्षेत्र, क्वांटम कंप्यूटिंग एवं डिजिटल बुनियादी ढांचे तथा एवीजीसी-एक्सआर एवं गेमिंग जैसे उच्च क्षमता वाले क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया जाएगा।
इसके अलावा, दोनों राज्यों के विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, कंपनियों, स्टार्टअप और अनुसंधान एवं विकास क्षेत्र के पेशेवरों को भी जोड़ने की योजना है।
भाषा यासिर रमण
रमण

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