केरल बजट में कर राहत, एमनेस्टी योजना व वाहन करों में बड़े बदलाव

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केरल बजट में कर राहत, एमनेस्टी योजना व वाहन करों में बड़े बदलाव

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  • Publish Date - June 19, 2026 / 01:13 PM IST,
    Updated On - June 19, 2026 / 01:13 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 19 जून (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने विधानसभा में शुक्रवार को संशोधित राज्य बजट पेश करते हुए कर राहत उपायों, एमनेस्टी योजनाओं और वाहन करों में संशोधन की एक श्रृंखला की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि इन कदमों का उद्देश्य करदाताओं पर बोझ कम करना, कारोबार को समर्थन देना और राजस्व जुटाने में सुधार करना है।

संशोधित बजट 2026-27 के लिए राजस्व प्राप्ति का अनुमान 1,69,646.37 करोड़ रुपये और राजस्व व्यय का अनुमान 2,05,001.67 करोड़ रुपये लगाया गया है, जिससे 35,355.30 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा होगा।

बजट में पूंजीगत व्यय (शुद्ध) 19,651.41 करोड़ रुपये, सार्वजनिक ऋण (शुद्ध) 52,364.13 करोड़ रुपये और कुल घाटा 41.23 करोड़ रुपये आंका गया है।

सरकार ने 1,080.95 करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय की भी घोषणा की है, जिससे वर्ष के अंत तक कुल घाटा बढ़कर 1,504.63 करोड़ रुपये हो जाएगा।

मुख्य कर राहत घोषणाओं में ‘फ्लड सेस’ बकाया निपटान योजना, 2026 शामिल है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एक अगस्त 2019 से 31 जुलाई 2021 के बीच बी2सी आपूर्ति पर लगाया गया एक प्रतिशत ‘फ्लड सेस’ (उपकर) भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन काफी बकाया अब भी लंबित है।

व्यवसायों को राहत देने के लिए सरकार ने घोषणा की कि जो करदाता ‘फ्लड सेस’ की पूरी मूल राशि चुका देंगे, उन्हें ब्याज एवं जुर्माने में पूरी छूट मिलेगी। इस योजना के तहत बकाया निपटाने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2027 है।

सरकार ने प्री-जीएसटी कर कानूनों के तहत लंबित देनदारियों के लिए लघु बकाया माफी योजना, 2026 भी शुरू की है। इसके तहत 2017-18 तक के आकलन आदेशों से जुड़े 50,000 रुपये से अधिक लेकिन दो लाख रुपये तक के कर बकाया को ब्याज और जुर्माने सहित पूरी तरह माफ किया जाएगा। हालांकि, यह छूट शराब बिक्री से जुड़े बकाया पर लागू नहीं होगी।

संशोधित बजट में ‘अल्कोहल’ की कम मात्रा वाले पेय पदार्थों पर नए बिक्री कर दर प्रस्तावित किए हैं। 0.5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत ‘अल्कोहल’ वाले उत्पादों पर 120 प्रतिशत और 10 से 20 प्रतिशत तक वाले उत्पादों पर 175 प्रतिशत कर लगेगा।

मोटर वाहन कर में भी बदलाव किए गए हैं ताकि सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिले और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन दिया जा सके। ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट (एआईटीपी) बसों पर तिमाही कर में भारी कमी की गई है। प्रति सीट कर 2,000 रुपये से घटाकर 900 रुपये और प्रति स्लीपर 3,000 रुपये से घटाकर 1,500 रुपये कर दिया गया है।

ट्रेलर वाहनों के लिए 20,000 किलोग्राम से अधिक वजन वाले वाहनों पर अतिरिक्त कर स्लैब हटा दिया गया है और उन्हें 15,000 किलोग्राम से ऊपर वाले ट्रेलरों के समान कर ढांचे में शामिल किया गया है।

इलेक्ट्रिक वाहनों पर सड़क कर में भी संशोधन किया गया है। 10 लाख रुपये तक के वाहनों पर कर पांच प्रतिशत से घटाकर तीन प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि 15 से 20 लाख रुपये के बीच वाले वाहनों पर कर आठ प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है।

वहीं 40 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर कर 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि अन्य श्रेणियां यथावत रहेंगी।

सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के लिए मोटर वाहन कर में छूट की सीमा सात लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी है।

एक ई-चालान एमनेस्टी योजना भी घोषित की गई है, जिसके तहत लोग लंबित ट्रैफिक चालान का 50 प्रतिशत भुगतान करके निपटान कर सकते हैं।

पंजीकरण विभाग में सरकार ने ‘वन-टाइम सेटलमेंट’ योजना का प्रस्ताव रखा है, जिससे 1986 से 2023 के बीच के लगभग 703 करोड़ रुपये के स्टांप शुल्क बकाया से जुड़े 1,46,355 मामलों का निपटान किया जाएगा।

एक बार के उपाय के रूप में, 31 मार्च 2010 तक की अवधि के मामलों में, जहां अंतिम आदेश में निर्धारित राशि 10,000 रुपये से कम है, अतिरिक्त स्टांप शुल्क माफ किया जाएगा।

बजट ने पात्र फ्लैट और अपार्टमेंट पर लागू चार प्रतिशत रियायती स्टांप शुल्क को अब के-रेरा (केरल रेरा) में पंजीकृत मानकों का पालन करने वाले विला तक भी बढ़ा दिया है।

इसके अलावा, यदि किसी ‘अंडरवैल्यूएशन’ (कम मूल्यांकन वाले) मामले में सभी अपील प्रक्रियाएं समाप्त होने के बाद भी स्टांप शुल्क बकाया 60 दिनों के भीतर नहीं चुकाया जाता, तो उस पर प्रति माह एक प्रतिशत (वार्षिक 12 प्रतिशत) ब्याज लगाया जाएगा।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा