Santosh Pandey letter to JP Nadda: प्रदेश के इस मेडिकल कॉलेज को मिलेगी मान्यता? सांसद ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को लिखा पत्र, NMC के फैसले पर कही ये बात

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Santosh Pandey letter to JP Nadda: कवर्धा में मेडिकल कॉलेज की मान्यता की मांग को लेकर सांसद संतोष पांडेय ने जेपी नड्डा को पत्र लिखा है।

Santosh Pandey letter to JP Nadda/Image: AI

HIGHLIGHTS
  • सांसद संतोष पांडेय ने मेडिकल कॉलेज की मान्यता के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा
  • NMC द्वारा अधोसंरचना संबंधी कारणों से मान्यता देने से इनकार किए जाने पर पुनर्विचार की मांग की गई
  • सांसद का दावा है कि आयुष भवन, उद्योग भवन और जिला अस्पताल की सुविधाओं से कॉलेज का संचालन शुरू किया जा सकता है

कवर्धा। Santosh Pandey letter to JP Nadda: छत्तीसगढ़ के कवर्धा में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की मान्यता की मांग को लेकर क्षेत्रीय सांसद संतोष पांडेय (MP Santosh Pandey) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा (Union Health Minister J.P. Nadda) को पत्र लिखा है। सांसद ने पत्र लिखकर नेशनल मेडिकल कमीशन के फैसले पर पुनर्विचार कराने की मांग की है।

सांसद का कहना है कि केंद्र सरकार मेडिकल कॉलेज को पहले ही मंजूरी दे चुकी है, राज्य सरकार ने भवन निर्माण के लिए राशि भी स्वीकृत कर दी है और निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। बावजूद इसके एनएमसी ने अधोसंरचना संबंधी कारणों का हवाला देकर मान्यता देने से इनकार कर दिया। (NMC Approval Medical College)

सांसद ने पत्र में दावा किया है कि आयुष भवन, उद्योग भवन और जिला अस्पताल की उपलब्ध सुविधाओं के सहारे कॉलेज का संचालन शुरू किया जा सकता है। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से हस्तक्षेप कर कबीरधाम के मेडिकल कॉलेज को जल्द मान्यता दिलाने की मांग की है। वहीं, अब देखने वाली बात होगी कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा मामले में क्या फैसला लेते है।

 

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कवर्धा मेडिकल कॉलेज की मान्यता क्यों रुकी हुई है?

नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने अधोसंरचना संबंधी कमियों का हवाला देते हुए मान्यता देने से इनकार किया है।

सांसद संतोष पांडेय ने किसे पत्र लिखा है?

सांसद ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

क्या मेडिकल कॉलेज को पहले से मंजूरी मिल चुकी है?

हाँ, केंद्र सरकार मेडिकल कॉलेज को मंजूरी दे चुकी है और राज्य सरकार ने भवन निर्माण के लिए राशि भी स्वीकृत की है।

सांसद ने कॉलेज संचालन को लेकर क्या दावा किया है?

उन्होंने कहा है कि आयुष भवन, उद्योग भवन और जिला अस्पताल की उपलब्ध सुविधाओं के सहारे कॉलेज का संचालन शुरू किया जा सकता है।

कबीरधाम जिले को मेडिकल कॉलेज मिलने से क्या फायदा होगा?

मेडिकल कॉलेज खुलने से स्थानीय छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के अवसर मिलेंगे और जिले की स्वास्थ्य सेवाएं भी मजबूत होंगी।