कृभको की रबी सत्र के लिए तीन-चार लाख टन गैर-यूरिया उर्वरक आयात करने की योजना

कृभको की रबी सत्र के लिए तीन-चार लाख टन गैर-यूरिया उर्वरक आयात करने की योजना

कृभको की रबी सत्र के लिए तीन-चार लाख टन गैर-यूरिया उर्वरक आयात करने की योजना
Modified Date: September 25, 2026 / 05:56 pm IST
Published Date: September 25, 2026 5:56 pm IST

नयी दिल्ली, 25 सितंबर (भाषा) सहकारी उर्वरक संस्था कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको) आगामी रबी सत्र के लिए तीन से चार लाख टन गैर-यूरिया उर्वरकों का आयात करने की योजना बना रही है। रबी सत्र अगले महीने शुरू होना है। हालांकि, संस्था ने अल नीनो के असर से बुवाई कम होने पर उर्वरकों की मांग घटने की आशंका जताई है।

कृभको यूरिया के बाद देश में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले उर्वरकों में शामिल डाय-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) जैसे फॉस्फेटिक उर्वरकों का आयात करती है।

कृभको के चेयरमैन वी सुधाकर चौधरी ने सहकारी संस्था की 46वीं वार्षिक आम बैठक से इतर पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘रबी सत्र के लिए तीन से चार लाख टन डीएपी और नाइट्रोजन, फॉस्फोरस तथा पोटाश (एनपीके) उर्वरकों के आयात की व्यवस्था की गई है।’’

कृभको के प्रबंध निदेशक एस एस यादव ने कहा कि संस्था हर साल करीब 12-15 लाख टन गैर-यूरिया उर्वरकों का आयात करती है, जबकि देश का कुल आयात करीब 70 लाख टन है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने आठ लाख टन डीएपी और एक लाख टन अन्य एनपीके उर्वरकों का आयात किया है। खरीफ सत्र के लिए हमारे पास पर्याप्त मात्रा थी। रबी की मांग पूरी करने के लिए अगले दो-तीन महीनों में तीन लाख टन और आयात किया जाएगा।’’

यादव ने कहा कि कृभको के पास पहले से छह लाख टन उर्वरक का भंडार है और तीन लाख टन अतिरिक्त आयात से आगामी रबी सत्र की मांग पूरी हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक बाजार में गैर-यूरिया उर्वरकों की कीमतें अब भी ऊंची बनी हुई हैं, जो चिंता का विषय है। डीएपी की कीमत फिलहाल करीब 900 अमेरिकी डॉलर प्रति टन और एनपीके की कीमत करीब 915 अमेरिकी डॉलर प्रति टन है।

रबी सत्र की मांग पर अल नीनो के संभावित असर के बारे में यादव ने कहा कि बुवाई कम होने की संभावना है और इसका असर रबी सत्र पर भी पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि कम बारिश के कारण खरीफ सत्र में फसल का रकबा कम रहा, हालांकि उर्वरकों के कुल इस्तेमाल में कमी नहीं आई।

भाषा योगेश पाण्डेय

पाण्डेय


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