लद्दाख-लुलु समझौते से 1,000 टन खुबानी वैश्विक बाजारों में पहुंचेगी

लद्दाख-लुलु समझौते से 1,000 टन खुबानी वैश्विक बाजारों में पहुंचेगी

लद्दाख-लुलु समझौते से 1,000 टन खुबानी वैश्विक बाजारों में पहुंचेगी
Modified Date: April 16, 2026 / 09:13 pm IST
Published Date: April 16, 2026 9:13 pm IST

लेह, 16 अप्रैल (भाषा) बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए लद्दाख प्रशासन ने बृहस्पतिवार को लुलु रिटेल के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत इस मौसम में 1,000 टन प्रीमियम लद्दाखी खुबानी का अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात किया जाएगा।

एक अधिकारी ने कहा कि यह समझौता पिछले दो साल में निर्यात किए गए सिर्फ 1,500 किग्रा (1.5 टन) खुबानी से काफी ज़्यादा है, जो इस इलाके की उपज के लिए बाजार पहुंच, मूल्य वर्धन और वैश्विक दृश्यता के एक नए दौर का संकेत है।

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि लद्दाख की जीआई-दर्जे वाली “राक्त्से कार्पो” खुबानी की किस्म, साथ ही इलाके की खास “हलमन किस्म” की ब्रांडिंग और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की बड़ी कोशिश के बाद, केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने इस सत्र में 1,000 टन खुबानी के निर्यात के लिए वैश्विक समूह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के लुलु रिटेल के साथ सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, जो इस इलाके के लिए पहली बार ऐतिहासिक पहल है।

बुधवार को, उपराज्यपाल ने निर्यात की संभावनाओं को अंतिम रूप देने के लिए लुलु रिटेल और एपीईडीए के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।

प्रवक्ता ने कहा कि लुलु रिटेल के साथ समझौते पर कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) और भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) के ज़रिये हस्ताक्षर किए गए हैं।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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