रियल्टी परियोजनाओं के लिए 2025-26 में भूमि अधिग्रहण मामूली घटकर 2,994 एकड़ पर: एनारॉक

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रियल्टी परियोजनाओं के लिए 2025-26 में भूमि अधिग्रहण मामूली घटकर 2,994 एकड़ पर: एनारॉक

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  • Publish Date - April 27, 2026 / 06:14 PM IST,
    Updated On - April 27, 2026 / 06:14 PM IST

नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) रियल एस्टेट परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण पिछले वित्त वर्ष में मामूली रूप से घटकर 2,994 एकड़ रहा। परामर्श कंपनी एनारॉक के अनुसार इसमें से लगभग आधी जमीन सूचीबद्ध कंपनियों ने अधिग्रहण किया।

इन आंकड़ों में रियल एस्टेट कंपनियों और भूमि मालिकों के बीच सीधे खरीद और संयुक्त विकास समझौते (जेडीए) दोनों शामिल हैं। रियल एस्टेट सलाहकार एनारॉक ने सोमवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भूमि अधिग्रहण के आंकड़े जारी किए।

पिछले वित्त वर्ष के दौरान देश भर में रियल एस्टेट विकास के लिए कुल 2,994 एकड़ भूमि के 111 सौदे किए गए। इसके मुकाबले वित्त वर्ष 2024-25 में 3,071.14 एकड़ के 143 सौदे हुए थे।

एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि इस अवधि में हर दो में से लगभग एक भूमि सौदा सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनियों द्वारा किया गया। इन कंपनियों ने 1,433 एकड़ भूमि के लिए 54 सौदे किए।

उन्होंने आगे कहा, ”पिछले कुछ वर्षों में भूमि अधिग्रहण तेजी से पूंजी-गहन और नियमों पर आधारित हो गया है। ऐसे में सूचीबद्ध डेवलपर्स को असंगठित या छोटे खिलाड़ियों की तुलना में स्पष्ट बढ़त हासिल है, क्योंकि उनकी संस्थागत पूंजी तक पहुंच आसान है और उनके बहीखाते पारदर्शी है।”

सूचीबद्ध कंपनियों ने वडोदरा, अमृतसर, नागपुर, पानीपत, मैसूर, रायपुर और कोयंबटूर जैसे मझोले और छोटे शहरों (टियर- दो और टियर-तीन) में भी भूमि का अधिग्रहण किया।

सूचीबद्ध कंपनियों में गोदरेज प्रॉपर्टीज, लोढ़ा डेवलपर्स, प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स लिमिटेड और ब्रिगेड एंटरप्राइजेज पिछले वित्त वर्ष में आवासीय परियोजनाओं के विकास के लिए भूमि खरीदने में बहुत सक्रिय रहे। सूचीबद्ध कंपनियां धीरे-धीरे बाजार हिस्सेदारी बढ़ा रही हैं, क्योंकि उपभोक्ताओं की मांग उन बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों की ओर बढ़ रही है, जिनके पास परियोजनाओं को पूरा करने की वित्तीय क्षमता है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण