भारत-न्यूजीलैंड एफटीए पीढ़ियों में एक बार होने वाला समझौताः प्रधानमंत्री लक्सन

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भारत-न्यूजीलैंड एफटीए पीढ़ियों में एक बार होने वाला समझौताः प्रधानमंत्री लक्सन

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  • Publish Date - April 27, 2026 / 06:52 PM IST,
    Updated On - April 27, 2026 / 06:52 PM IST

(तस्वीर के साथ)

नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भारत के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को ‘पीढ़ियों में एक बार होने वाला’ करार बताते हुए कहा कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार के सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद तरीके से चलने का भरोसा देता है।

इस एफटीए पर सोमवार को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने हस्ताक्षर किए।

लक्सन ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह समझौता न्यूजीलैंड के निर्यातकों को तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर अग्रसर भारत के विशाल बाजार तक अभूतपूर्व पहुंच देगा।

उन्होंने कहा कि यह करार न्यूजीलैंड के लिए दुनिया के सबसे गतिशील बाजारों में से एक के द्वार खोलता है और व्यापार, निवेश, नवाचार एवं आपसी संपर्क के नए अवसर पैदा करता है।

लक्सन ने कहा, ‘यह समझौता न्यूजीलैंड के निर्यात बाजारों में विविधता लाने में मदद करेगा और अगले 10 वर्षों में निर्यात मूल्य को दोगुना करने के लक्ष्य को समर्थन देगा। साथ ही, यह भारतीय बाजार में पहले से रियायती पहुंच का लाभ उठा रहे प्रतिस्पर्धियों के बराबर अवसर प्रदान करेगा।’

उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत भारतीय निर्यातकों को पहले दिन से ही न्यूजीलैंड में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जबकि भारतीय उपभोक्ताओं को वहां के उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों तक बेहतर पहुंच प्राप्त होगी।

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने कहा कि यह करार कृषि उत्पादकता, कृषि-प्रौद्योगिकी और खाद्य उत्पादन जैसे क्षेत्रों में भारत एवं न्यूजीलैंड के बीच सहयोग को भी बढ़ावा देगा।

उन्होंने इस समझौते को आर्थिक नजरिये के साथ रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बताया।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण