जमीन की कीमतों में 80% तक आएगा उछाल ! NH के किनारे है जमीन तो हो जाएंगे मालामाल

जमीन की कीमतों में 80% तक आएगा उछाल ! NH के किनारे है जमीन तो हो जाएंगे मालामाल

Edited By: , June 30, 2021 / 02:57 PM IST

नई दिल्‍ली। नेशनल हाईवे के नजदीक के माइक्रो मार्केट में जमीनों की कीमतें काफी तेजी से बढ़ने की उम्‍मीद जताई जा रही है। जेएलएल की रिपोर्ट के मुताबिक, बहुत जल्‍द NH की नजदीकी जमीनों के दाम में 60 से लेकर 80 प्रतिशत तक का उछाल आने वाला है। वहीं, लंबी अवधि में कई तरह की सुविधाएं मिलने के बाद फिर इनकी कीमतों में 20 से 25 फीसदी की तेजी आएगी।

ये भी पढ़ें : महिला के अकाउंट में अचानक आ गए 3700 अरब रुपये, चार दिन तक अमीरी का उठाया आनंद, फिर…

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि निकट भविष्‍य में इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर डेवलपमेंट और कनेटिविटी बढ़ने के कारण एनएच के पास की जमीनों की कीमत तेजी से बढ़ेगी। इसके बाद राजमार्गों के किनारों पर सुविधाएं बढ़ने के साथ इनके दाम में एक और उछाल आएगा। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने देश के 22 राज्‍यों में 650 संपत्तियों की पहचान की है। NHAI कुल 3,000 हेक्‍टेयर जमीनी पर प्राइवेट सेक्‍टर के साथ मिलकर अगले 5 साल में डेवलपमेंट करेगा।

ये भी पढ़ें :मंत्रिमंडल ने 16 राज्यों में भारतनेट को व्यवहारिक बनाने के लिये 19,…

इनमें से 94 साइट्स दिल्‍ली-मुंबई एक्‍सप्रेस-वे पर, 376 निर्माणाधीन नए हाईवे या एक्‍सप्रेस-वे पर और करीब 180 साइट्स मौजूदा राजमार्गों पर हैं। जेएलएल के रणनीतिक व मूल्‍यांकन सलाहकार के मुताबिक, एनएचएआई आने वाले वर्षों में इंडियन हाईवे नेटवर्क के आधुनिकीकरण पर जोर देगा, इनका सीधा फायदा राजमार्गों का इस्‍तेमाल करने वालों, मार्केट प्‍लेयर्स, डेवलपर्स, इंवेस्‍टर्स और फैसिलिटी ऑपरेटर्स को मिलेगा।

ये भी पढ़ें : कमजोर वैश्विक रुख से सोना में 264 रुपये की गिरावट

इन सभी तथ्‍यों के आधार पर यह कहा जा रहा है कि निकट भविष्‍य में एनएच के पास की जमीनों के दाम में 80 फीसदी तक का उछाल आना तय है, वहीं, इसके बाद सुविधाएं बढ़ने पर फिर 25 फीसदी की तेजी आएगी।’ एनएचआई की इन परियोजनाओं में निजी क्षेत्र अगले 5 साल में करीब 4,800 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। अनुमान के मुताबिक, इन साइट्स से कम से कम 15 से 30 फीसदी रिटर्न हासिल किया जा सकेगा। स्‍पष्‍ट लैंड टाइटल, प्री-अप्रूव्‍ड साइट्स, लैंड यूज में बदलाव नहीं करने से डेवलपर्स और इंवेस्‍टर्स के लिए ग्रोथ के नए दरवाजे खुल सकेंगे।