कोलकाता, 12 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से सीधे जमीन खरीदकर निवेशकों को उपलब्ध कराने की मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की घोषणा को राज्य के प्रमुख कारोबारी संगठनों ने औद्योगिक विकास और निवेश को गति देने वाला कदम बताया है।
संगठनों का कहना है कि इस पहल से निवेश की राह में आने वाली बड़ी बाधाओं में से एक दूर होगी और उद्योगपतियों एवं उद्यमियों का भरोसा बढ़ेगा।
अधिकारी की यह घोषणा ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार की नीति से पूरी तरह अलग है। पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सिंगूर और नंदीग्राम आंदोलनों को देखते हुए निजी उद्योगों के लिए जमीन के जबरदस्ती अधिग्रहण को खारिज कर दिया था।
‘कलकत्ता चैंबर ऑफ़ कॉमर्स’ के अध्यक्ष अनंत सहारिया ने कहा कि सरकार की सीधी जमीन खरीद की प्रक्रिया राज्य में नए और मौजूदा दोनों ही तरह के निवेशकों को आकर्षित करने में एक बड़ी भूमिका निभाएगी।
सहारिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘इस सुव्यवस्थित दृष्टिकोण से पश्चिम बंगाल के औद्योगिक और आर्थिक विकास में तेज़ी आएगी, जिससे भारी मात्रा में पूंजी निवेश और रोज़गार के अवसर पैदा होंगे।’’
‘मर्चेंट्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री’ ने कहा कि इससे संभावित निवेशकों को औद्योगिक इकाइयों के लिए जमीन हासिल करने में मदद मिलेगी।
‘भारत चैंबर ऑफ़ कॉमर्स’ के अध्यक्ष नरेश पचीसिया ने कहा कि इस पहल से उद्योगपतियों का भरोसा बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि बड़े औद्योगिक निवेश के लिए जमीन की उपलब्धता, उसका मूल्यांकन और प्रशासनिक मंज़ूरी सबसे अहम कारक हैं।
भाषा यासिर योगेश
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