लेनोवो का लक्ष्य तीन साल में भारत में अपना कारोबार दोगुना करना है: अधिकारी
लेनोवो का लक्ष्य तीन साल में भारत में अपना कारोबार दोगुना करना है: अधिकारी
(अदिति कश्यप)
लास वेगास (अमेरिका), सात जनवरी (भाषा) वैश्विक प्रौद्योगिकी क्षेत्र की अग्रणी कंपनी लेनोवो का लक्ष्य अगले तीन वर्ष में भारत में अपने कारोबार को दोगुना करना है।
लेनोवो (एशिया प्रशांत) के अध्यक्ष अमर बाबू ने कहा कि लेनोवो की भविष्य की वृद्धि घरेलू खपत और ‘‘ दुनिया के लिए भारत ’’ नवाचार रणनीति से प्रेरित होगी।
बाबू ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘ भारत में लेनोवो की कहानी वृद्धि की रही है। हमारे सभी व्यवसायों में इस वृद्धि गाथा को बनाए रखने का अवसर मौजूद है। हमारे मोटोरोला व्यवसाय ने असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है। पिछले दो वर्ष में हमारा राजस्व दोगुने से भी अधिक हो गया है। हमारा बुनियादी ढांचा व्यवसाय भी उच्च दोहरे अंकों की दर से बढ़ रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ हमारी सेवाओं तथा समाधानों का कारोबार उच्च दोहरे अंकों में बढ़ रहा है। हमारा दृष्टिकोण यह है कि हम अगले तीन वर्ष में अपने कारोबार को दोगुना करने में सक्षम हों।’’
बाबू ने कहा, ‘‘ अगर हम इसे हासिल कर पाते हैं तो निश्चित रूप से, सही स्तर के नवाचार, बुनियादी ढांचे एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था में योगदान के साथ अपनी ‘बैक-एंड’ क्षमता में निवेश जारी रखेंगे। साथ ही ‘भारत, भारत के लिए और भारत, दुनिया के लिए’ की नीति को आगे बढ़ाते रहेंगे …मैं भारत को लेनोवो के लिए एक विकासशील व्यवसाय, एक विकासशील बाजार के रूप में देखता हूं।’’
उन्होंने कहा कि लेनोवो इंडिया दुनिया भर में कंपनी के लिए सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है जिसमें 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
अमर बाबू ने बताया कि लेनोवो अपने मुख्य ‘सर्वर‘ को भारत में तैयार कर रही है और मोटोरोला फोन के लिए सॉफ्टवेयर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा स्थानीय स्तर पर विकसित किया जाता है।
भारत में लेनोवो की भर्ती योजनाओं के बारे में बाबू ने विशिष्ट संख्याएं साझा नहीं कीं लेकिन उन्होंने पुष्टि की कि कंपनी व्यापारिक वृद्धि का समर्थन करने के लिए समय से पहले ही संसाधनों को जोड़ना जारी रखेगी।
लेनोवो इंडिया का जुलाई-सितंबर तिमाही में राजस्व सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 1.2 अरब डॉलर हो गया था। इसकी मुख्य वजह डिजिटलीकरण, प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती मांग और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के ढांचे में बदलाव के बाद उपभोक्ता भावना में सुधार थी।
भाषा निहारिका मनीषा
मनीषा

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