एलआईसी की बिक्री पेशकश को संस्थागत निवेशकों का जोरदार समर्थन, 36,400 करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं

एलआईसी की बिक्री पेशकश को संस्थागत निवेशकों का जोरदार समर्थन, 36,400 करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं

एलआईसी की बिक्री पेशकश को संस्थागत निवेशकों का जोरदार समर्थन, 36,400 करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं
Modified Date: August 4, 2026 / 05:28 pm IST
Published Date: August 4, 2026 5:28 pm IST

नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री पेशकश (ओएफएस) को मंगलवार को संस्थागत निवेशकों से जोरदार प्रतिक्रिया मिली। निवेशकों ने इसके लिए 36,400 करोड़ रुपये की बोलियां लगाईं।

सरकार संस्थागत निवेशकों के लिए एलआईसी के 28.46 करोड़ से अधिक शेयर 382 रुपये प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य पर बेच रही है।

यह निर्गम बुधवार को खुदरा निवेशकों के लिए खुलेगा।

संस्थागत निवेशकों ने 383.84 रुपये प्रति शेयर के सांकेतिक मूल्य पर 94.45 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। इस सांकेतिक मूल्य पर बोलियों का कुल मूल्य 36,400 करोड़ रुपये बैठता है।

इस बीच, बीएसई पर एलआईसी का शेयर 7.86 प्रतिशत टूटकर 391 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 4.95 लाख करोड़ रुपये है।

यह 382 रुपये प्रति शेयर का न्यूनतम मूल्य सोमवार को बीएसई पर इसके बंद भाव 424.35 रुपये की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत कम रखा गया है।

इस न्यूनतम मूल्य पर 82.22 करोड़ से अधिक शेयर यानी 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री से सरकार को लगभग 31,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।

यह बिक्री पेशकश एलआईसी को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा निर्धारित न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (एमपीएस) की शर्त समय से पहले पूरी करने में मदद करेगी।

सेबी ने एलआईसी को न्यूनतम 10 प्रतिशत सार्वजनिक शेयरधारिता हासिल करने के लिए 16 मई, 2027 तक का समय दिया है।

वर्तमान में सरकार की एलआईसी में 96.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

सरकार ने मई, 2022 में 902-949 रुपये प्रति शेयर के मूल्य दायरे में एलआईसी में 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर लगभग 21,000 करोड़ रुपये जुटाए थे।

अप्रैल, 2026 में एलआईसी के निदेशक मंडल ने एक के बदले एक ‘बोनस शेयर’ जारी करने को मंजूरी दी थी।

चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक सरकार ने सात सार्वजनिक उपक्रमों में हिस्सेदारी बिक्री और भारतीय यूनिट ट्रस्ट के निर्दिष्ट उपक्रम (एसयूयूटीआई) से प्राप्त राशि के जरिये 21,082 करोड़ रुपये जुटाए हैं।

भाषा निहारिका अजय

अजय


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