सरकार ने जीएटीसी के तौर पर मान्यता पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए

सरकार ने जीएटीसी के तौर पर मान्यता पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए

सरकार ने जीएटीसी के तौर पर मान्यता पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए
Modified Date: August 4, 2026 / 05:07 pm IST
Published Date: August 4, 2026 5:07 pm IST

नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) सरकार ने विधिक माप विज्ञान अधिनियम-2013 के तहत ‘सरकारी मान्यता प्राप्त परीक्षण केंद्र’ (जीएटीसी) के तौर पर मान्यता पाने के लिए योग्य उद्योगों, प्रयोगशालाओं, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, आईटीआई और परीक्षण सुविधा केन्द्रों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।

मंगलवार को जारी एक सरकारी बयान के अनुसार, 17-31 अगस्त, 2026 तक उपभोक्ता मामलों के विभाग के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन जमा किए जा सकते हैं।

यह पोर्टल पूरी तरह से डिजिटल आवेदन प्रक्रिया प्रदान करता है, जिसमें ऑनलाइन जमा करना, शुल्क का भुगतान, आवेदन की निगरानी और आवेदकों के साथ बातचीत शामिल है, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी, कुशल और व्यापार-अनुकूल बनती है।

इस पहल का उद्देश्य तकनीकी रूप से सक्षम निजी संस्थानों की भागीदारी बढ़ाकर भारत के वजन और माप के सत्यापन पारिस्थितिकी तंत्र का विस्तार करना है।

अब तक देश में 51 जीएटीसी को मान्यता दी गई है।

जीएटीसी का एक बड़ा नेटवर्क देश की सत्यापन क्षमता को मजबूत करेगा, सत्यापन सेवाओं तक पहुंच में सुधार करेगा और उद्योगों के लिए तेजी से अनुपालन सुनिश्चित करेगा, साथ ही उपभोक्ताओं के लिए सटीक माप सुनिश्चित करेगा।

जीएटीसी को व्यापार और वाणिज्य में उपयोग किए जाने वाले विशिष्ट वजन और माप उपकरणों के सत्यापन और पुन: सत्यापन करने के लिए अधिकृत किया गया है।

इन केंद्रों के नेटवर्क का विस्तार करने से सत्यापन सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने और पूरे देश में विधिक माप सेवाओं के वितरण में सुधार करने में मदद मिलेगी।

यह पहल एक आधुनिक, प्रौद्योगिकी-संचालित और पारदर्शी पारिस्थितिकी तंत्र बनाकर कारोबार सुगमता, डिजिटल शासन, आत्मनिर्भर भारत और उपभोक्ता संरक्षण के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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