LPG Delivery New Rule: गैस सिलेंडर लेना इतना आसान नहीं! बिना OTP अब डिलीवरी नामुमकिन, अगर DAC नंबर नहीं मिला तो क्या करें?

LPG Delivery New Rule: अब LPG सिलेंडर की डिलीवरी के लिए DAC नंबर देना जरूरी हो गया है वरना सिलेंडर नहीं मिलेगा। देशभर में 94.5% से ज्यादा डिलीवरी इसी सिस्टम से हो रही है। यह नियम डिलीवरी को सुरक्षित और सही ग्राहक तक पहुंचाने के मससद से लागू किया गया है।

LPG Delivery New Rule: गैस सिलेंडर लेना इतना आसान नहीं! बिना OTP अब डिलीवरी नामुमकिन, अगर DAC नंबर नहीं मिला तो क्या करें?

(LPG Delivery New Rule/ Image Credit: ANI News)

Modified Date: April 27, 2026 / 11:49 am IST
Published Date: April 27, 2026 11:45 am IST
HIGHLIGHTS
  • LPG डिलीवरी में अब DAC नंबर अनिवार्य कर दिया गया है
  • देशभर में 94.5% डिलीवरी DAC सिस्टम के जरिए हो रही है
  • DAC नंबर OTP जैसा यूनिक वेरिफिकेशन कोड होता है

नई दिल्ली: LPG Delivery New Rule: देशभर में अब LPG सिलेंडर की डिलीवरी में बड़ा बदलाव किया गया है। करीब 94.5% डिलीवरी अब DAC नंबर के माध्यम से हो रही है। अगर आपके पास यह कोड नहीं है तो आपको गैस सिलेंडर की डिलीवरी नहीं मिलेगी। यह नियम डिलीवरी को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए लागू किया गया है।

क्या होता है DAC नंबर?

DAC नंबर एक तरह का OTP जैसा यूनिक कोड होता है जो हर LPG बुकिंग के बाद ग्राहक के मोबाइल पर भेजा जाता है। इसका पूरा नाम Delivery Authentication Code है। डिलीवरी के समय यह कोड दिखाना जरूरी होता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि सिलेंडर सही व्यक्ति तक ही पहुंचे और किसी तरह की गड़बड़ी न हो।

कैसे काम करता है नया सिस्टम

जब ग्राहक LPG सिलेंडर बुक करता है तो उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर DAC कोड भेज दिया जाता है। यह कोड SMS, ऐप या WhatsApp के जरिए मिल सकता है। जब डिलीवरी बॉय घर आता है तो वह यह कोड मांगता है। सही कोड मिलने पर ही सिलेंडर की डिलीवरी पूरी मानी जाती है।

नए नियम से क्या है फायदे?

इस नए सिस्टम का मुख्य उद्देश्य फर्जी डिलीवरी, गलत बिलिंग और गैस चोरी जैसी समस्याओं को रोकना है। इससे ग्राहक को भरोसेमंद और सुरक्षित सेवा मिलती है। साथ ही ब्लैक मार्केटिंग पर भी रोक लगती है। अब हर डिलीवरी डिजिटल वेरिफिकेशन के बाद ही पूरी होती है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।

DAC नंबर न मिलने पर क्या करें?

कई बार नेटवर्क या तकनीकी कारणों से DAC कोड समय पर नहीं मिलता। ऐसे में ग्राहक घबराएं नहीं। आप गैस एजेंसी से संपर्क कर सकते हैं या अपनी गैस ऐप से कोड दोबारा प्राप्त कर सकते हैं। डिलीवरी बॉय से भी रिक्वेस्ट करके कोड री-सेन्ड कराया जा सकता है। इसके बाद डिलीवरी आसानी से पूरी हो जाती है।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।