एलएंडटी और एनवीडिया में भारत एआई मिशन के तहत गीगावाट स्तर की ‘एआई फैक्ट्री’ के लिए करार
एलएंडटी और एनवीडिया में भारत एआई मिशन के तहत गीगावाट स्तर की 'एआई फैक्ट्री' के लिए करार
नयी दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा) इंजीनियरिंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ने बुधवार को एनवीडिया के साथ एक संयुक्त उद्यम की घोषणा की। इसका उद्देश्य भारत को वैश्विक एआई महाशक्ति बनाने के लिए गीगावाट स्तर का ‘एआई फैक्ट्री’ बुनियादी ढांचा तैयार करना है।
यह साझेदारी देश के डिजिटल और औद्योगिक बदलाव के बीच उन उद्यमों, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के दिग्गजों को लक्षित करती है, जो बड़े पैमाने पर एआई क्षमता की तलाश में हैं।
यह उद्यम एलएंडटी की इंजीनियरिंग और बुनियादी ढांचे के विकास की विशेषज्ञता को एनवीडिया के एआई मंच के साथ जोड़ता है जिसमें जीपीयू और सीपीयू के साथ सॉफ्टवेयर स्टैक भी शामिल हैं
बीएसई को दी गई जानकारी में एलएंडटी ने कहा कि यह उपक्रम प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर एआई वर्कलोड का समर्थन करने के लिए आधुनिक डेटा सेंटर ढांचा तैनात करेगा।
‘भारत एआई मिशन’ के अनुरूप, यह भारत के भीतर महत्वपूर्ण डेटा और मॉडल बनाने और तैनात करने के लिए संप्रभु एआई ढांचा तैयार करेगा, जो वैश्विक स्तर पर भी काम कर सकेगा।
यह ‘सॉवरेन बाय-डिज़ाइन’ ढांचा घरेलू जरूरतों के साथ-साथ उन वैश्विक क्लाउड प्रदाताओं और उद्यमों की जरूरतों को पूरा करेगा, जो भारत को एक रणनीतिक एआई केंद्र के रूप में देख रहे हैं।
इस पहल के तहत उच्च घनत्व वाले और अगली पीढ़ी के कार्यभार के लिए गीगावाट स्तर की एआई डेटा सेंटर फैक्ट्री बनाने की योजना है जिससे कुशल और टिकाऊ विस्तार संभव हो सकेगा।
इसके अंतर्गत चेन्नई में एलएंडटी के 300 एकड़ के विस्तृत परिसर में एनवीडिया जीपीयू क्लस्टर की क्षमता को बढ़ाकर 30 मेगावाट किया जाएगा और मुंबई में कार्यान्वित किए जा रहे नए 40 मेगावाट डेटा सेंटर में भी इसका विस्तार होगा।
एलएंडटी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक एस एन सुब्रह्मण्यन ने कहा कि एनवीडिया के मंच और एलएंडटी की क्षमता के साथ हम ऐसा बुनियादी ढांचा बना रहे हैं जो एआई के जरिये बड़ा आर्थिक प्रभाव पैदा करेगा।
एनवीडिया के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जेन्सेन हुआंग ने कहा कि एलएंडटी के साथ मिलकर हम विश्व स्तरीय एआई बुनियादी ढांचे की नींव रख रहे हैं, जो भारत के विकास को गति देगा और ‘इंडिया एआई’ के दृष्टिकोण को साकार करेगा।
भाषा सुमित अजय
अजय

Facebook


