महाराष्ट्र एफडीए ने कैडिला की कुछ दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई, स्टॉक जब्त

महाराष्ट्र एफडीए ने कैडिला की कुछ दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई, स्टॉक जब्त

महाराष्ट्र एफडीए ने कैडिला की कुछ दवाओं की बिक्री पर रोक लगाई, स्टॉक जब्त
Modified Date: July 11, 2026 / 08:30 pm IST
Published Date: July 11, 2026 8:30 pm IST

मुंबई, 11 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने दवाओं के ब्रांड नाम में समानता के कारण कैडिला फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड की कुछ दवाओं की बिक्री एवं वितरण पर रोक लगा दी है और राज्यभर में करीब 2.45 करोड़ रुपये का स्टॉक जब्त किया है।

अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि यह कार्रवाई ‘एसीलॉक 150’, ‘एसीलॉक 150 प्लस’, ‘एसीलॉक 300’ और ‘एसीलॉक 300 प्लस’ नाम की दवाओं से जुड़ी है, जिनमें सक्रिय औषधीय घटकों (एपीआई) रैनिटिडीन एवं फैमोटिडीन का इस्तेमाल किया गया है।

एफडीए ने कंपनी को निर्देश दिया है कि वह इन सभी दवाओं के उपलब्ध स्टॉक को तत्काल बाजार से वापस मंगाए। साथ ही ‘एसीलॉक 150 प्लस’ और ‘एसीलॉक 300 प्लस’ की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।

एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने एक बयान में कहा, ‘दवा के ब्रांड नाम में किसी भी तरह की समानता, जिससे डॉक्टर, फार्मासिस्ट या मरीज को गलत दवा मिलने की आशंका हो, जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।’

बयान के मुताबिक, कंपनी को पहले रैनिटिडीन आधारित ‘एसीलॉक 150’ और ‘एसीलॉक 300’ के विनिर्माण की मंजूरी मिली थी, लेकिन बाद में उसने ‘एसीलॉक 150 प्लस’ और ‘एसीलॉक 300 प्लस’ नाम से फैमोटिडीन आधारित दवाएं लगभग समान ब्रांडिंग के साथ बाजार में उतार दीं जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई।

एफडीए निरीक्षण के दौरान 9-10 जुलाई को पुणे, नागपुर और ठाणे जिले के भिवंडी स्थित गोदामों से कुल 2,45,37,490 रुपये मूल्य की दवाएं जब्त की गईं।

एफडीए ने कहा कि बदली हुई संरचना वाली दवाओं को लगभग समान ब्रांड नाम से बाजार में उतारना दिशानिर्देशों के खिलाफ है।

इस मामले की जांच जारी है और निष्कर्ष के आधार पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भाषा योगेश प्रेम

प्रेम


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