महाराष्ट्र सरकार ने चीनी मिलों के लिए 750 करोड़ रुपये के सस्ते कर्ज की योजना को मंज़ूरी दी

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महाराष्ट्र सरकार ने चीनी मिलों के लिए 750 करोड़ रुपये के सस्ते कर्ज की योजना को मंज़ूरी दी

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  • Publish Date - September 15, 2026 / 06:28 PM IST,
    Updated On - September 15, 2026 / 06:28 PM IST

मुंबई, 15 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने मंगलवार को सहकारी चीनी मिलों के लिए लगभग 750 करोड़ रुपये के सस्ते ऋण (कम ब्याज दर वाले) को मंजूरी दी। यह ऋण 2025-26 पेराई सत्र के लिए किसानों के बकाया ‘उचित और लाभकारी मूल्य’ (एफआरपी) का भुगतान करने और वर्ष 2026-27 के कामकाज में मदद के लिए दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बताया कि यह फ़ैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई साप्ताहिक मंत्रिमंडल बैठक में लिया गया।

इसमें कहा गया है कि एफआरपी बकाया चुकाने के लिए आसान ब्याज पर ऋण देने से गन्ना उत्पादकों और मिलों, दोनों को राहत मिलेगी।

पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि लगभग 750 करोड़ रुपये के सस्ते ऋण से सहकारी चीनी मिलों को मुश्किलों से उबरने और मौजूदा पेराई सत्र के दौरान काम करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत चीनी मिलों के लिए ऋण लेना आसान हो जाएगा और राज्य सरकार उस पर लगने वाला ब्याज उठाएगी।

फडणवीस ने कहा, ‘‘इससे सहकारी चीनी मिलें इस सत्र में काम शुरू कर पाएंगी और गन्ने की खरीद कर पाएंगी। इससे किसानों को भी फायदा होगा।’’

उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र ने गन्ना किसानों को ‘उचित और लाभकारी मूल्य’ (एफआरपी) का लगभग 99.5 प्रतिशत भुगतान कर दिया है और अब एफआरपी भुगतान के मामले में देश में पहले स्थान पर है।

फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार ने अपनी शीर्ष 25 योजनाओं और नीतियों का मूल्यांकन करने का फ़ैसला किया है ताकि यह देखा जा सके कि क्या उनके लक्ष्य पूरे हो रहे हैं और फायदे सही लोगों तक पहुंच रहे हैं या नहीं।

एक और बड़े नीतिगत फैसले में, मंत्रिमंडल ने राज्य सरकार की 25 प्रमुख नीतियों और 25 अहम कल्याणकारी योजनाओं का मूल्यांकन करने के लिए ‘महाराष्ट्र तकनीकी सहायता सेल’ (महा-टीएसी) बनाने को मंजूरी दी।

बेहतर प्रशासन और फैसला लेने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए, भारतीय प्रबंध संस्थान मुंबई (आईआईएम मुंबई) और सेंटर फॉर रिसर्च इन स्कीम्स एंड पॉलिसीज (क्रिस्प) की सिफारिशों के आधार पर एक साल की मूल्यांकन परियोजना चलाई जाएगी।

मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र साहित्य परिषद की नासिक शाखा को लीज पर दिए गए नासिक नगर निगम के ‘स्टडी सेंटर’ और पुस्तकालय भवन के पट्टा समझौते पर ‘स्टाम्प शुल्क’ से छूट को भी मंजूरी दी।

इसके अलावा, मंत्रिमंडल ने वाणिज्यिक परिसर बनाने के लिए वर्धा जिले के आर्वी तालुका में 6,240.30 वर्ग मीटर सरकारी जमीन स्थानीय नगर परिषद को मुफ्त में देने को मंजूरी दी।

मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत और औद्योगिक टाउनशिप अधिनियम, 1965 में संशोधन को मंजूरी दी और महाराष्ट्र कृषि भूमि (जोत की अधिकतम सीमा) अधिनियम, 1961 में संशोधन पारित किया, जिससे अहिल्यानगर जिले के हरेगांव गांव में राज्य कृषि निगम की जमीन उसके मूल मालिकों को वापस की जा सकेगी।

सीएमओ ने बताया कि अन्य फैसलों के अलावा, मंत्रिमंडल ने चार प्रशासनिक पद बनाने और मुंबई पुलिस आवास टाउनशिप परियोजना के अध्यक्ष के कार्यालय के लिए वित्तपोषण को मंजूरी दी।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय