महाराष्ट्र सरकार ने केरोसिन कमीशन, परिवहन दरों में वृद्धि की

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महाराष्ट्र सरकार ने केरोसिन कमीशन, परिवहन दरों में वृद्धि की

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  • Publish Date - April 1, 2026 / 08:24 PM IST,
    Updated On - April 1, 2026 / 08:24 PM IST

मुंबई, एक अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत केरोसिन के वितरण के लिए कमीशन और परिवहन दरों में संशोधन किया है।

सरकार ने यह कदम रसोई गैस (एलपीजी) की कमी को देखते हुए और आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाने के उद्देश्य से उठाया है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आदेश के अनुसार, हाल के वर्षों में एलपीजी की व्यापक उपलब्धता और अदालत के निर्देशों के कारण राज्य में केरोसिन (मिट्टी का तेल) का वितरण सीमित कर दिया गया था।

इसके तहत उन परिवारों को केरोसिन की आपूर्ति प्रतिबंधित थी जिनके पास पहले से एलपीजी सिलेंडर मौजूद हैं।

हालांकि, पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण वर्तमान में एलपीजी की कमी को देखते हुए केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र को वैकल्पिक ईंधन के रूप में 3,744 किलोलीटर केरोसिन आवंटित किया है।

केरोसिन के सुचारु वितरण के लिए राज्य सरकार ने परिवहन दरों और कमीशन में बदलाव को मंजूरी दी है। इसके तहत केरोसिन के थोक लाइसेंस धारकों को तापमान में बदलाव और रखरखाव के दौरान होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए डिपो मूल्य पर 0.25 प्रतिशत का अतिरिक्त भत्ता दिया जाएगा।

इसके साथ ही, डीजल के खर्च को छोड़कर परिवहन से जुड़ी अन्य लागतों में भी 40 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी गई है।

सरकार ने जिला अधिकारियों और नागरिक आपूर्ति अधिकारियों को यह अधिकार दिया है कि वे डीजल की कीमतों के आधार पर हर साल संशोधित परिवहन दरें निर्धारित कर सकें।

इसके अलावा, केरोसिन वितरण में लगे डीलर के कमीशन को भी 675 रुपये से बढ़ाकर 1,350 रुपये प्रति किलोलीटर कर दिया गया है।

आदेश के अनुसार ये दोनों निर्णय एक अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गए हैं। इनका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रसोई गैस की आपूर्ति में आ रही बाधाओं के दौरान लाभार्थियों को ईंधन की कमी का सामना न करना पड़े।

भाषा सुमित रमण

रमण