नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) वाणिज्य मंत्रालय ने मार्च में निर्यात प्रतिबद्धता पूरी करने से संबंधित कुल 12,690 प्रमाणपत्र (ईओडीसी) मंजूर किए है। फरवरी में यह संख्या 3,747 थी। एक आधिकारिक बयान में बुधवार को यह जानकारी दी।
ये प्रमाणपत्र निर्यात प्रतिबद्धताओं को औपचारिक रूप से पूरा करने से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज होते हैं।
ये बैंक गारंटी और बॉन्ड जारी करने में सहायक होने के साथ निर्यातकों की शिकायतों का बोझ कम करते हैं। साथ ही यह भारत की व्यापार करने की सुविधा के ढांचे के तहत प्रभावी अनुपालन निगरानी सुनिश्चित करते हैं।
बयान में कहा गया है कि विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने अग्रिम मंजूरी और पूंजीगत वस्तुओं के निर्यात संवर्द्धन (ईपीसीजी) की योजनाओं के तहत तेजी से इन प्रमाणपत्र को जारी करने के समयबद्ध अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया है।
यह अभियान एक मार्च, 2026 से 31 मार्च, 2026 तक चलाया गया। डीजीएफटी के वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता में रोजाना समीक्षा बैठक के जरिये इसकी निगरानी की गई।
बयान में कहा गया, ‘‘मार्च में कुल 12,690 ईओडीसी को मंजूरी दी गई, जबकि फरवरी में यह संख्या 3,747 थी, जो तीन गुना से भी अधिक है।’’
इसमें कहा गया है कि यह निर्यात की प्रतिबद्धताओं को तेजी से पूरा करने, रोकी गई बैंक गारंटी को जारी करने में मदद करने और निर्यातकों पर शिकायतों का बोझ कम करने के माध्यम से सरकार के निर्यातक अनुकूल परिवेश और कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने के प्रयासों को दर्शाता है।
भाषा अजय अजय रमण
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